लंबित राजस्व वादों के त्वरित निष्पादन पर जोर, म्यूटेशन मामलों को 30 दिनों में निपटाने का निर्देश
राष्ट्र संवाद सं
जामताड़ा: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, नीलाम पत्र वादों एवं रिकॉर्ड रूम से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंचल, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल, अपर समाहर्ता एवं उपायुक्त न्यायालय में लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 7351 राजस्व वादों में से 3825 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 3526 मामले लंबित हैं। इनमें 2061 नीलाम पत्र वाद तथा 1465 ई-रेवेन्यू मामले शामिल हैं। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालय संचालित कर लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि कोई भी मामला 30 दिनों से अधिक लंबित न रहे। साथ ही सभी मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 3557 मामले लंबित हैं, जिनकी राशि लगभग 15.06 करोड़ रुपये है। बैठक में रिकॉर्ड रूम के आधुनिकीकरण, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण तथा बालू घाटों से संबंधित लंबित ग्राम सभाओं के आयोजन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए गए।यह संस्करण सीधे समाचार-पत्र प्रकाशन शैली में तैयार किया गया है।

