Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चुनावी नतीजों से अडानी को भारी नुकसान, गंवा दिए 3.64 लाख करोड़
    Breaking News Business Headlines

    चुनावी नतीजों से अडानी को भारी नुकसान, गंवा दिए 3.64 लाख करोड़

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 5, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    नई दिल्ली. चुनावी नतीजों के आने के बाद अडानी ग्रुप को भारी नुकसान हो चुका है. ग्रुप की सभी 10 कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं. जिसकी वजह से ग्रुप के मार्केट कैप में 3.64 लाख करोड़ रुपए नुकसान देखने को मिल सकता है. अडानी पोर्ट हो या फिर अडानी एनर्जी. आप यहां पर अडानी इंटरप्राइजेज को भी ले सकते हैं. जिनमें 19 से 21 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है. खास बात तो ये है कि अडानी ग्रुप के कई शेयर लोअर ​सर्किट के करीब कारोबार करते हुए दिखाई दिए.

     

    कारोबार समाप्त होने पर अडानी पोर्ट्स का शेयर 21.26 फीसदी, अडानी एनर्जी सोल्यूशंस 20 फीसदी, समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज 19.35 फीसदी, अडानी ग्रीन एनर्जी ने 19.20 फीसदी का गोता लगाया. अडानी टोटल गैस 18.88 प्रतिशत, एनडीटीवी 18.52 प्रतिशत, अडानी पावर 17.27 प्रतिशत और अम्बुजा सीमेंट 16.88 प्रतिशत नीचे आया. वहीं एसीसी का शेयर 14.71 प्रतिशत और अडानी विल्मर 9.98 प्रतिशत नीचे आया. कारोबार के दौरान समूह की 10 कंपनियों में से आठ निचले सर्किट पर पहुंच गए थे.

     

     

    कारोबार के दौरान अडानी एंटरप्राइजेज 25 प्रतिशत के निचले सर्किट पर पहुंच गया था. वहीं अडानी पोर्ट्स 25 प्रतिशत और अम्बुजा सीमेंट्स 22.5 प्रतिशत लुढ़क कर सर्किट के निचले स्तर पर पहुंच गया था. अडानी पावर 20 प्रतिशत और अडानी एनर्जी 20 प्रतिशत लुढ़क कर निचले सर्किट सीमा पर पहुंच गया था. अडानी ग्रीन 20 प्रतिशत और अडानी टोटल गैस 19.89 प्रतिशत नीचे आ गया. वहीं एनडीटीवी 19.98 प्रतिशत और एसीसी 19.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्किट के निचले स्तर पर पर पहुंच गया था. अडानी विल्मर का शेयर भी 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्किट के निचले स्तर पर आ गया था.

     

    अडानी ग्रुप की 10 लिस्टिड कंपनियों का मार्केट कैप 3,64,366.12 करोड़ रुपए घटकर 15,78,346.79 करोड़ रुपए पर आ गया है. जबकि सोमवार को ग्रुप की लिस्टिड कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 19,42,712.91 करोड़ रुपए था. खास बात तो ये है कि एक दिन पहले ग्रुप के मार्केट कैप में 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा देखने को मिला था. कारोबारी सत्र के दौरान तो ग्रुप का मार्केट कैव 20 लाख करोड़ रुपए को भी पार कर गया था. लेकिन आज बाजार में इतनी बड़ी गिरावट को लेकर कोई तैयार नहीं था. एग्जिट पोल के आंकड़ें आने के बाद हर कोई मानकर चल रहा था कि बीजेपी अपने दम पर सरकार आसानी से बना लेगा. लेकिन देर शाम तक एनडीए 300 सीटों का आंकड़ा भी दिखाई नहीं दे रहा है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपर्यावरण है तो हम हैं
    Next Article अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर महानगर द्वारा पौधरोपण एवं सफाई अभियान शहीद स्थल गोलमुरी में चलाया गया

    Related Posts

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    July 12, 2026

    अंधेरी में BEST बस का तांडव: अनियंत्रित बस ने कई वाहनों को मारी टक्कर, मची अफरा-तफरी

    July 12, 2026

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    July 12, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    रीना सिंह की संवेदनशील पहल: असहाय बुजुर्ग महिला को मिला सुरक्षित आश्रय, मानवता की बनी मिसाल

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस jamshedpur

    विश्व जनसंख्या दिवस 2026: विकसित भारत के लिए जनसंख्या संतुलन क्यों है आवश्यक?

    अंधेरी में BEST बस का तांडव: अनियंत्रित बस ने कई वाहनों को मारी टक्कर, मची अफरा-तफरी

    यूरेनियम डील से ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

    क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है? जानें इसके गंभीर परिणाम

    सत्ता का संघर्ष: क्या राजनीतिक दलों के भीतर का असंतोष लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है?

    जामताड़ा पार्ट-2 बनता घाटशिला! जंगल, ढाबों और हाईवे से चल रहा साइबर ठगी का काला कारोबार

    रंगाटांड़ के मजदूर की चेन्नई में मौत, पसरा मातम, शव के पहुंचते ही रांगाटांड़ गांव में ग्रामीणों की भीड़

    भाजपा जमशेदपुर महानगर की मासिक संगठनात्मक बैठक हुई संपन्न, बूथ सशक्तिकरण और एसआईआर अभियान पर विशेष जोर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.