लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन पर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सभी पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक कर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम जनता के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त बयान में कहा कि सभी के सहयोग, सतर्कता, अनुशासन और आपसी सौहार्द से पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रशासन ने सभी के समन्वय और समर्पण की सराहना करते हुए भविष्य में भी जिले में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए इसी प्रकार सहयोग की अपील की है।
दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की सराहना
जमशेदपुर शहर में दुर्गा पूजा का त्योहार हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष भी पूर्वी सिंहभूम जिले में सैकड़ों पंडाल सजाए गए थे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और यातायात प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की।
जिला प्रशासन ने शांति समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। इन सदस्यों ने स्थानीय स्तर पर विवादों को सुलझाने और अफवाहों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सकारात्मक रिपोर्टिंग के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई।
आम जनता ने अनुशासन का परिचय देते हुए पंडालों में कतारबद्ध होकर दर्शन किए। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष महिला पुलिस दल तैनात किए गए थे। प्रशासन ने अग्निशमन विभाग और चिकित्सा टीमों को भी अलर्ट पर रखा था।
उपायुक्त ने कहा, “यह सफल आयोजन सामूहिक प्रयास का परिणाम है। हम भविष्य में भी ऐसे ही सौहार्दपूर्ण वातावरण की अपेक्षा रखते हैं।” वरीय पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों की लगन और नागरिकों के सहयोग को सराहा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करते रहें। इससे आगामी त्योहारों में भी शांति बनी रहेगी।
इस अवसर पर विभिन्न पूजा समितियों के अध्यक्षों ने प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सहयोग के बिना इतना बड़ा आयोजन संभव नहीं था। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए सभी समुदायों ने मिलकर पर्व मनाया।
जिला प्रशासन ने भविष्य में भी इसी तरह के समन्वय की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सजगता और प्रशासन की तत्परता से ही शहर सुरक्षित रहता है। शांति और सद्भाव ही विकास की असली कुंजी है।
अंत में, प्रशासन ने सभी हितधारकों को फिर से धन्यवाद दिया और आगामी त्योहारों के लिए शुभकामनाएं दीं। जमशेदपुर की जनता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विविधता में एकता ही हमारी ताकत है।
