Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » राजस्थान में गहरा भू-जल संकट: फ्लोराइड से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा
    खबरें राज्य से

    राजस्थान में गहरा भू-जल संकट: फ्लोराइड से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा

    Nikunj GuptaBy Nikunj GuptaMay 24, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राजस्थान में भू-जल स्तर में लगातार गिरावट और पानी में फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा गंभीर चिंता का विषय बन गई है। भाजपा नेता विजय सिंह बैंसला की भेद्यता विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार राज्य में भू-जल संकट अब “संरचनात्मक” रूप ले चुका है। वर्ष 2022 में भू-जल निकासी प्राकृतिक पुनर्भरण के 151 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि अत्यधिक दोहन वाले भू-जल ब्लॉकों की संख्या 219 हो गई है।

    रिपोर्ट में बताया गया कि मॉनसून पूर्व भू-जल गहराई 2015 के 24.5 मीटर से बढ़कर 2024 में 28.8 मीटर हो गई है। नागौर, बाड़मेर, जालौर, जोधपुर, सीकर और झुंझुनूं जैसे जिलों में फ्लोराइड का स्तर तय मानकों से कई गुना अधिक पाया गया। नागौर में फ्लोराइड 5.8 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज हुआ, जो सुरक्षित सीमा से लगभग चार गुना ज्यादा है।

    फ्लोराइड युक्त पानी के कारण डेंटल और स्केलेटल फ्लोरोसिस, हड्डियों की क्षति, गुर्दे की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। प्रभावित जिलों में शिशु मृत्यु दर भी अधिक दर्ज की गई है।

    रिपोर्ट में भू-जल पुनर्भरण, फ्लोराइड निष्कासन संयंत्र, चेक डैम, जल संरक्षण और ड्रिप सिंचाई जैसी योजनाओं को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में जल संकट और स्वास्थ्य समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकानपुर: मां का कटा हाथ, ITBP जवान का न्याय संघर्ष
    Next Article म्यूनिख विश्व कप: NRAI ने घोषित की 22 सदस्यीय टीम, मनु भाकर 3 स्पर्धाओं में

    Related Posts

    फीस बनी काल: जमशेदपुर में पिता की आत्महत्या

    May 24, 2026

    अमित शाह से मिले अर्जुन मुंडा: झारखंड विकास पर चर्चा

    May 24, 2026

    कानपुर: मां का कटा हाथ, ITBP जवान का न्याय संघर्ष

    May 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    फीस बनी काल: जमशेदपुर में पिता की आत्महत्या

    अमित शाह से मिले अर्जुन मुंडा: झारखंड विकास पर चर्चा

    म्यूनिख विश्व कप: NRAI ने घोषित की 22 सदस्यीय टीम, मनु भाकर 3 स्पर्धाओं में

    राजस्थान में गहरा भू-जल संकट: फ्लोराइड से बढ़ा स्वास्थ्य खतरा

    कानपुर: मां का कटा हाथ, ITBP जवान का न्याय संघर्ष

    कॉकरोच जनता पार्टी: अपमान से जन्मा युवा डिजिटल विद्रोह

    कॉकरोच जनता पार्टी: अपमान से उपजा युवा जनविद्रोह

    आरोपों की राजनीति: लोकतंत्र की मर्यादा पर सवाल

    आदित्यपुर में बुलडोजर एक्शन पर बवाल: बिना नोटिस उजाड़ी गईं दशकों पुरानी फुटपाथी दुकानें

    आदित्यपुर में फुटपाथी दुकानों पर चला बुलडोजर, कार्रवाई के पीछे दबंगई और साजिश के आरोप से गरमाई राजनीति

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.