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    Home » फर्जी शिकायतों पर दंड न होने से असंतुलन का खतरा: सवर्ण महासंघ
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    फर्जी शिकायतों पर दंड न होने से असंतुलन का खतरा: सवर्ण महासंघ

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 24, 2026No Comments2 Mins Read
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    फर्जी शिकायतों पर दंड न होने से असंतुलन का खतरा: सवर्ण महासंघ

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने UGC की हालिया अधिसूचना को लेकर केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग की है. संगठन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कानून या नियम का उद्देश्य सभी वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि किसी एक वर्ग के पक्ष में असंतुलन उत्पन्न करना. पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रारंभिक ड्राफ्ट में OBC वर्ग को शामिल नहीं किए जाने तथा झूठी शिकायतों पर दंडात्मक प्रावधान के अभाव को लेकर व्यापक विवाद उत्पन्न हुआ. हालांकि बाद में OBC वर्ग को शामिल किया गया, लेकिन फर्जी शिकायतों पर स्पष्ट दंड प्रावधान नहीं होने को संगठन ने आपत्तिजनक बताया है.

    संगठन का कहना है कि इस अधिसूचना के कारण शैक्षणिक परिसरों में भय, असंतोष और असमानता का वातावरण बन सकता है. पत्र में देश की अनुमानित 140 करोड़ आबादी का हवाला देते हुए कहा गया है कि सामान्य वर्ग की बड़ी आबादी के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. सवर्ण महासंघ फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार से अधिसूचना को रोलबैक लेने तथा सभी वर्गों के छात्रों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और न्यायसंगत नीति बनाने की मांग की है. संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा.

    फर्जी शिकायतों पर दंड न होने से असंतुलन का खतरा: सवर्ण महासंघ
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