स्ट्रॉग विजन के साथ चुनाव मैदान में हैं दमन दीव से कांग्रेस प्रत्याशी केतन पटेल…
विशन पपोला
पूरा देश 2024 के चुनावी समर में डूबा हुआ है। हर पार्टी के उम्मीदवार अपने मतदाताओं से संपर्क करने और उन्हें मनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वैसे आमतौर पर यह देखा जाता है कि अधिकांश प्रत्याशी चुनाव जीतने या हारने के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र से गायब हो जाते हैं, लेकिन इनमें कुछ ही प्रत्याशी ऐसे होते हैं, जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं, ऐसे ही एक प्रत्याशी हैं केतन पटेल।
दरअसल, केतन पटेल दमन दीव से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। वह केवल चुनावी मौसम में ही नहीं बल्कि आम दिनों में भी लोगों के बीच सक्रिय रहते हैं।
उनके संबंध में यह बात की जाए (वह न केवल लोगों के बीच रहते हैं बल्कि दमन दीव के लोगों के दिलों में रहते हैं) तो बिलकुल भी अतिश्योक्ति नहीं होगी। अन्य चुनावों की भांति वह इस बार भी स्ट्रॉग विजन के साथ चुनाव मैदान में हैं, इसीलिए वह कहते हैं कि राहुल गांधी की विचारधारा के अनुसार दमन दीव में “नफरत के बाजार में हमें प्यार की दुकान खोलनी है।” इसके अतिरिक्त वह जिस तरह से नौकरियों और अर्थव्यवस्था को लेकर भी एक रोडमैप लेकर चल रहे हैं, वह भी काबिलेतारिफ है। उनका कहना है कि वह नौकरियां पैदा करने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भी पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। वह कहते हैं व्यवसायों को सफल बनाने में मदद करने के लिए कर घटाने पर पूरा जोर दिया जाएगा। साथ ही, वह नए बुनियादी ढांचे के निर्माण और अवरुद्ध कारखानों को खोलकर दमन दीव में बेरोजगारी को खत्म करने के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।
उनका मानना है कि व्यक्ति के विकास में शिक्षा का बहुत बड़ा रोल होता है, इसीलिए वह शिक्षा के क्षेत्र में निवेश पर भी पूरा फोकस करेंगे। वह कहते हैं कि वर्तमान सरकार और प्रशासन शिक्षा व्यवस्था को लेकर ज्यादा जागरूक नहीं है, लेकिन वह स्कूलों में निवेश करने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि सभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
लंबित परियोजनाओं के संबंध में उनका मानना है कि वह दमन दीव की सभी लंबित परियोजनाओं और कार्यक्रमों को पूरा करना सुनिश्चित करेंगे, इसीलिए उन्होंने दमन दीव के सभी लोगों से अपील की है कि वे दमन दीव के भविष्य के लिए वोट करें।
बता दें दमन और दीव उत्तर-पश्चिमी भारत में एक केंद्र शासित प्रदेश है। इसका क्षेत्रफल 112 वर्ग किमी है। यह भारत का सबसे छोटा प्रशासनिक उपखंड है। इस क्षेत्र में दो जिले, दमन और दीव द्वीप शामिल हैं और इसकी सीमा गुजरात राज्य और अरब सागर की सीमा से लगती है। महाराष्ट्र और गुजरात के बीच स्थित दमन और दीव की अर्थव्यवस्था कृषि, पशुपालन और वानिकी, पर्यटन और उद्योगों पर आधारित है।
यहां पहली बार आम चुनाव साल 1987 में हुए थे और कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। साल 1989 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से निर्दलीय प्रत्याशी ने फतह दर्ज की थी। इसके बाद साल 1991, 1996 और 1998 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर बीजेपी ने जीत का परचम फहराया था, हालांकि साल 1999 के चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में रहे। इसके बाद साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, इसके बाद साल 2009 और साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस जीत पर लगातार दो बार जीत दर्ज की।
2019 लोकसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस पार्टी ने केतन दहयाभाई पटेल, भारतीय जनता पार्टी ने लालूभाई बाबूभाई पटेल और बहुजन समाज पार्टी ने सकील लतीफ खान को उम्मीदवार बनाया था। इसके अलावा उमेशभाई बाबूभाई पटेल बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हुए थे, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी लालूभाई पटेल ने अपनी जीत कायम रखी, उन्हें 37,597 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी केतन पटेल 27,655 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और निर्दलीय उम्मीदवार उमेश बी पटेल 19,938 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे, लेकिन इस बार यहां चुनाव इसीलिए रोमांचक होगा, क्योंकि केतन पटेल ने इस दौरान लोगों के बीच हर दुख-सुख के साथी के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।