Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जलवायु परिवर्तन : हिंद महासागर, अरब सागर के उत्तरी क्षेत्र और बंगाल की मध्य खाड़ी में तूफानी लहरों के बढ़ने की आशंका
    Headlines राष्ट्रीय

    जलवायु परिवर्तन : हिंद महासागर, अरब सागर के उत्तरी क्षेत्र और बंगाल की मध्य खाड़ी में तूफानी लहरों के बढ़ने की आशंका

    Bishan PapolaBy Bishan PapolaDecember 9, 2022No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली। तेज तूफानी लहरें उठने की घटनाओं के हाल के एक अध्ययन से पता चलता है कि हिंद महासागर, अरब सागर के उत्तरी क्षेत्र और बंगाल की मध्य खाड़ी में निकट भविष्य में तूफानी लहरों के दिनों में वृद्धि का अनुभव होने की आशंका है। यह अध्ययन विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में जीवन और संपत्ति पर बड़े प्रभावों को रोकने के लिए समय पर चेतावनी देने और योजना बनाने में मदद कर सकता है।
    दरअसल, जलवायु परिवर्तन के चलते समुद्र में ऊंची लहरें उठने की ऐसी घटनाएं जो हाल के दिनों में अधिकतर बार देखी गई हैं अब समुद्र तटीय जनसंख्या, बुनियादी ढांचे और समुद्र से संबंधित गतिविधियों से होने वाली आजीविका पर जबरदस्त प्रभाव डाल सकती हैं। तूफान की तीव्रता और उसके मार्ग में परिवर्तन होते रहने के साथ-साथ अत्यधिक ऊंची लहरें उठने में देखी गई परिवर्तनशीलता और बदलाव की घटनाएं तटरेखा में परिवर्तन, उसके क्षरण की दर, बार–बार बाढ़ आने की परिस्थितियां और अन्य संबंधित तटीय खतरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक लहरें और इसके परिणाम क्षेत्रीय और वैश्विक दोनों स्तरों पर सामने आ रहे हैं। इसलिए, समय पर चेतावनी और तटीय योजना और प्रबंधन के लिए उच्च-आवृत्ति वाली लहरें इन घटनाओं के आयाम में भविष्य के अनुमानित परिवर्तनों की बेहतर समझ आवश्यक है।
    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, नई दिल्ली के अनुप्रयुक्त विज्ञान विभाग, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हिंद महासागर के ऊपर अत्यधिक लहर ऊंचाई सूचकांकों में संभावित भविष्य के बदलावों का अनुमान लगाया। ‘क्लाइमेट डायनेमिक्स’ पत्रिका में प्रकाशित उनके शोध, स्प्रिंगर ने हाल ही में काउक्लिप – सीओडब्ल्यूसीएलआईपी 2.0 डेटासेट का उपयोग यह दिखाने के लिए किया था कि भविष्य की लहरें जलवायु में बड़े पैमाने पर वितरण वर्तमान से काफी भिन्न हो सकता है।
    डिपार्टमेंट ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज, एनआईटी दिल्ली की वैज्ञानिक दिव्या सरदाना और प्रशांत कुमार, ओशन इंजीनियरिंग और नौसेना वास्तुकला विभाग, आईआईटी खड़गपुर के प्रसाद के भास्करन और ईएसएसओ- आईएनसीओआईएस हैदराबाद के टी. एम. बालकृष्णन नायर द्वारा लगाए गए भविष्य के अनुमानों से संकेत मिलता है कि जलवायु के तहत परिदृश्य के आर सीपी 4.5 (ग्रीनहाउस गैसों का मध्यम प्रतिनिधि संकेंद्रण मार्ग), पूर्वी उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर के क्षेत्रों, अरब सागर के उत्तरी क्षेत्र और बंगाल की मध्य खाड़ी में तूफानी लहरों के दिनों में वृद्धि देखी गई है। हालांकि, आरसीपी 8.5 के अनुरूप हिंद महासागर के अधिकांश क्षेत्रों में उच्च-उत्सर्जन परिदृश्य के अंतर्गत उत्तरी अरब सागर और 48° दक्षिण से परे अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के अपवाद के साथ, दक्षिणी हिंद महासागर के अधिकांश क्षेत्रों में तेज लहरों के दिनों में कमी की प्रवृत्ति की संभावना है।
    आरसीपी 4.5 और 8.5 दोनों ही परिदृश्यों के अंतर्गत दक्षिण हिंद महासागर में तेज लहर वाले दिनों में बदलाव आने का अनुमान लगाया गया है, साथ ही आरसीपी उत्तरी अरब 8.5 के प्रबलित परिदृश्य के अंतर्गत अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर और दक्षिण हिंद महासागर में लहर-प्रेरित-तूफानों की अवधि बढ़ने की भी आशंका है।
    यह अध्ययन इंगित करता है कि दक्षिणी गोलार्ध में उच्च-आवृत्ति लहर घटनाओं के आयाम में अनुमानित परिवर्तन समुद्र-स्तर की प्रेशर ग्रैडीएंट में परिवर्तन से प्रेरित होते हैं जो इक्कीसवीं सदी की इस अवधि के लिए सदर्न ऐन्नयुलर मोड (एसएएम) के अनुमानों के अनुरूप है।
    भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से जुड़ी संस्था, विज्ञान अनुसन्धान और इंजीनियरिंग बोर्ड द्वारा समर्थित शोध नीति निर्माताओं और निर्णय लेने वाले अधिकारियों के लिए छोटी और दीर्घ अवधि की ऐसी योजना बनाने के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है जो समुद्र तटीय जनसंख्या को लाभान्वित कर सकती है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनक्सल सर्च अभियानों की आड़ में सुरक्षा बलों द्वारा लोगों को परेशान न किया जाए और आदिवासियों पर हिंसा न हो: डॉ अजय
    Next Article समाहरणालय सभागार में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने पदाधिकारियों/कर्मियों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की दिलाई शपथ

    Related Posts

    चतरा में आधी रात पुलिस-अपराधी मुठभेड़; फिरौती के लिए अपहृत 6 ग्रामीण सकुशल मुक्त, हथियारों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार

    June 20, 2026

    गिरिडीह के बेलाटांड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया।

    June 20, 2026

    पलामू जमीन विवाद में ठेकेदार और कारोबारी को मारी गोली, भतीजे पर लगा आरोप |

    June 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    चतरा में आधी रात पुलिस-अपराधी मुठभेड़; फिरौती के लिए अपहृत 6 ग्रामीण सकुशल मुक्त, हथियारों के साथ 5 शातिर गिरफ्तार

    गिरिडीह के बेलाटांड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया।

    पलामू जमीन विवाद में ठेकेदार और कारोबारी को मारी गोली, भतीजे पर लगा आरोप |

    बैंक ऑफ़ इंडिया बादम शाखा की पहल: मृतक मजदूर की पत्नी को मिला ₹2 लाख का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा लाभ

    जमशेदपुर में नीट परीक्षा की तैयारी पूरी, 8 केंद्रों पर 21 जून को शामिल होंगे करीब 4 हजार परीक्षार्थी

    विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर गोपबंधु विद्यापीठ में विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित

    सरायकेला: बामणी नदी में अज्ञात महिला का खून से लथपथ शव, हत्या की आशंका

    मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग की सड़क हादसे में मौत, अज्ञात बस की तलाश में जुटी पुलिस

    जमशेदपुर के पूर्व सांसद सुनील महतो हत्याकांड की मुख्य आरोपी शकुंतला महतो उर्फ ‘पुष्पा’ ने किया आत्मसमर्पण, 10 लाख की इनामी नक्सली थी

    ब्रिक्स मंच” पर चमकी जमशेदपुर की कला, सुमन प्रसाद ने बढ़ाया झारखंड का मान

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.