राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच स्पष्ट जानकारी जरूरी है
सरयू का सवालःसोनारी में बार-बार वारदात क्यों?
लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था चिंतनीयःआशुतोष राय*
*जमशेदपुर।* शिक्षक दिवस के अवसर पर आगामी 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक पहलुओं पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई है। इस अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम और पूर्व विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। संगोष्ठी मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, गरम नाला के सभागार में दोपहर बाद चार बजे से होगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच स्पष्ट जानकारी हो और इसके व्यावहारिक पहलुओं के बारे में स्पष्टता हो, यह आवश्यक प्रतीत हो रहा है। हाल ही में राजभवन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कराने के संबंध में जारी आदेश के बाद 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के सामने परीक्षा देने संबंधी कठिनाई उत्पन्न हो गई थी। विगत पांच वर्षों में झारखंड में सरकार के स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति को समग्रता में लागू करने के बारे में ठोस अवधारणा विकसित नहीं हुई जिसके कारण प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आधारभूत संरचना का विकास नहीं हो सका है और योग्य शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। घंटी आधारित शिक्षकों के समायोजन के बारे में सरकारी नीति का कुप्रभाव लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर पड़ा। इन सभी पहलुओं पर संगोष्ठी में गंभीरता से विचार किया जाएगा।

विशेष रुप से तीन शिक्षा विशेषज्ञ अलग-अलग प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा पर झारखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभाव के बारे में अपना आलेख प्रस्तुत करेंगे जिन पर संगोष्ठी में उपस्थित शिक्षकों की प्रतिक्रिया जानी जाएगी। इसके साथ ही जमशेदपुर पश्चिम और पूर्व क्षेत्र के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विशेष रुप से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही शिक्षा क्षेत्र में जमशेदपुर के चर्चित और पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को प्रेरणास्त्रोत के रुप में विशेष रुप से सम्मानित किया जाएगा।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने तथा विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का सृजन सुनिश्चित करने के लिए सरकार के शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करना और विद्यार्थियों के परीक्षाफल में सुधार करने व विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों पर शिक्षकों का विशेष ध्यान रहे, यह भी सुनिश्चित करना है। संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट के तत्वावधान में किया जा रहा है।
सरयू का सवालःसोनारी में बार-बार वारदात क्यों?
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने सोनारी में दिनदहाड़े हुई लूट की घटना पर गहरी चिंता जताई है। यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सोनारी में यह तीसरी वारदात है। इससे पुलिस की साख पर सवाल खड़ा हुआ है। पुलिस अफसरों को चाहिए कि थाने के सिपाहियों, अधिकारियों, सूचकों को टाइट करें। सीसीटीवी में सारी चीजें कैद हो गई हैं। पुलिस को चाहिए कि आज रात भर में अपराध करने वालों को पकड़ें और इसका खुलासा करें। यह चिंता की बात है कि सोनारी में ऐसा क्यों हो रहा है।

*लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था चिंतनीयःआशुतोष राय*
जमशेदपुर। सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व उद्योग सचिव अशोक गोयल और स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट के ट्रस्टी तथा वरीय जदयू नेता आशुतोष राय ने सोनारी में दिनदहाड़े हुई लूटपाट की घटना की तीखी भर्त्सना की है।
यहां जारी एक बयान में श्री गोयल और श्री राय ने कहा कि सोनारी जैसे इलाके में लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं बता रही हैं कि पुलिस का इकबाल लगातार कमजोर होता जा रहा है। अगर यही माहौल रहा तो यहां बिजनेस कैसे चलेगा? जमशेदपुर जिला प्रशासन जब तक थाना क्षेत्रों में जुआ, मटका, अवैध शराब भट्ठी, स्क्रैप टाल, ब्राउन शुगर, चरस, अफीम, गांजा आदि पर करारा प्रहार नहीं करेगी, इस किस्म की वारदातें रुक नहीं पाएंगी। जिला प्रशासन को बिना भेदभाव किये हुए इन अनैतिक कार्यों पर जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। ऐसा होने से जिला प्रशासन की छवि आम जनता में निखरेगी।

आशुतोष राय ने कहा कि जमशेदपुर में जो लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था है, वह चिंतनीय है। पुलिस का खुफिया तंत्र पंगु बन कर रह गया है। जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। अपने थाने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर प्रशासन को सोचना चाहिए। पुलिस अगर आम जनता का भरोसा जीतने का प्रयास करेगी तो उसे जनता से इनपुट मिलेगा। पुलिस को गलत कार्यों का जल्द से जल्द उद्भेदन कर देना चाहिए ताकि पुलिसिंग को लेकर एक क्लीयर कट मैसेज जाए।

