रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
सरायकेला जिले में सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एक बड़ी और बेहद नाटकीय कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया। एसीबी की टीम ने भू-अर्जन विभाग के लिपिक प्रीतम आचार्य को उस वक्त दबोच लिया, जब वह उपायुक्त कार्यालय के बाहर एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि एसीबी ने सुनियोजित रणनीति के तहत एक साथ दो अलग-अलग स्थानों—सरायकेला समाहरणालय और गम्हरिया प्रखंड कार्यालय—में छापेमारी की, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई। समाहरणालय परिसर से लिपिक प्रीतम आचार्य को गिरफ्तार किया गया, वहीं गम्हरिया प्रखंड परिसर से विनय कुमार तिवारी नामक एक कथित दलाल को भी एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ लिया। सूत्रों के अनुसार, विनय तिवारी गिरफ्तारी के समय अपनी गाड़ी में बैठकर रिश्वत की रकम गिन रहा था। एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। बताया जा रहा है कि वह प्रीतम आचार्य के लिए दलाली का काम करता था और दोनों के बीच रिश्वत के लेन-देन का संगठित नेटवर्क संचालित हो रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जमीन से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण के निपटारे से संबंधित है, जिसमें भू-अर्जन विभाग की ओर से भारी-भरकम रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित द्वारा की गई शिकायत के आधार पर एसीबी ने जाल बिछाया और सटीक समय पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ जमशेदपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले में और भी कई लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। जल्द ही एसीबी इस पूरे भ्रष्टाचार नेटवर्क का बड़ा खुलासा कर सकती है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में फैली अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार होने की संभावना है।

