Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बोकारो: विकास परियोजना ने बड़ी संख्या में पेड़ो को लीला
    Breaking News Headlines झारखंड रांची

    बोकारो: विकास परियोजना ने बड़ी संख्या में पेड़ो को लीला

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 20, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    बोकारो: विकास परियोजना ने बड़ी संख्या में पेड़ो को लीला

    विकास की परियोजनाओं ने बड़ी संख्या में पेड़ों को लीला है, जंगलों को तबाह किया है और पे़ड़ लगाने के प्रति हमारी बेपरवाही ने हमें खुद के लिए खतरा पैदा कर दिया है। हालात यह हो गये हैं कि हर साल सीजन अपनी कारामात दिखाने लगा है। गरमी जहां तांडव कर रही है। ठंड लोगों को बेमौसम परेशान करने लगी है, वहीे बरसात अपनी मर्जी की मालिक हो गयी है। क्लाईमेट के ऐसे हालात ने हमें चिन्ता में डाल कर यह संकेत देना शुरू कर दिया है कि अगर हम अब भी नहीे चेते तो फिर हमारा तो भगवान ही मालिक होगा।

     

    अब तो भगवान ही मालिक है। गरमी ने इस साल जो तेवर तरेरे हैं उसने सबके होश ठंडा कर दिए है। सबको समझ में आने लगी है कि अब पेड़ों के प्रति हमारी लापरवाही हमारा संकट और बढ़ायेगी। अब तो चेतना होगा। वैसे सीजन का प्रभाव हर चीजो पर पड़ा है और उसके प्रभाव से पेड़ रोपण भी प्रभावित हुआ है। खुद जिला फारेस्ट अधिकारी भी मानते हैं कि क्लाईमेट बदलाव का असर सबको प्रभावित कर रहा है। उनकी माने तो बोकारो जिले में बन भूमि पर कब्जा ने वनों को प्रभावित किया है, लेकिन वन भूमि पर कब्जा हटाने की काररवाई की जा रही है ताकि वनों का रोपण हो सके।

     

     

    बोकारो के डी एफ ओ रजनीश कुमार की मानें तो बड़ी बड़ी परियोजनाओं में सघन बनों ने अपनी कुर्बानी दी है। और इसे एवज में लगाए गए बन क्वालिटी के हिसाब से काफी उम्दा नहीे हो पाए हैं। उनकी माने तो अब सघन वनों को नयी तकनीक से विकसति करने की जरूरत है। उ नकी माने तो जंगलो को बचाना व जंगलो का विस्तार ही मौसम की बेरूखी का सबसे बढिया इलाज हो सकता है। इसे घ्यान में रखकर ही वन विभाग ने सधन बन क्षेत्र मंे नयी तकनीक से जंगलो को घना बनाने का काम तेज किया है।

     

     

    आनेवाला समय औश्र भयावह हो सकता है। इसकी कल्पना करके ही रूहें कांप जाती है। हमें अपने लिए और आनेवाली पीढ़ी की चिन्ता करते हुए पर्यावरण की रक्षा, पेड़ों की सुरक्षा व वृक्षारोपण करने की जरूरत है। अगर हमने ऐसा नहीे किया तो आनेवाली पीढी हमें माफ नहीे करेगी। और हम अपना वर्तमान तबाह करेंगे सो अलग।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबबलू प्रसाद दांगी ने अपने समर्थकों के साथ थामा लोक जनशक्ति पार्टी का दामन
    Next Article डॉक्टर बेटे के अपहरणकांड का गिरिडीह पुलिस ने किया खुलासा, डॉक्टर का पड़ोसी गेट ग्रिल मिस्त्री था मास्टर माइंड

    Related Posts

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    November 8, 2026

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    November 8, 2026

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    November 8, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Le Bandit: waarom korte klappers met hoge inzet jouw sessie bepalen

    Spinrise Casino im Browser auf dem Smartphone spielen

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    दीपावली के पाँच पर्व और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराएँ

    गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट में नया मोड़, आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी

    LocoWin Casino betaalmethoden: storten en opnemen met kaart, e-wallet en crypto

    प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, बोले- जवानों के साथ मनाऊंगा त्योहार

    आदिवासी कार्यकर्ता निशा भगत पंचतत्व में विलीन, न्याय की मांग को लेकर झारखंड में उबाल; सीबीआई जांच की मांग तेज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.