राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा निर्मित बेंद लैंप्स लिमिटेड के 100 एम.टी. क्षमता वाले गोदाम के शिलान्यास कार्यक्रम में स्थापित शिलापट्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शिलापट्ट में जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो का नाम नीचे अंकित किए जाने, जबकि स्थानीय विधायक का नाम ऊपर दर्ज होने पर भाजपा नेत्री चन्दना मुर्मू ने कड़ी आपत्ति जताई है।
चन्दना मुर्मू ने इसे न केवल प्रोटोकॉल की अनदेखी बताया, बल्कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा के साथ खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि सांसद लोकसभा क्षेत्र के सर्वोच्च निर्वाचित जनप्रतिनिधि होते हैं, ऐसे में शिलान्यास जैसे सरकारी कार्यक्रमों में उनका नाम प्रमुखता से और सम्मानजनक स्थान पर अंकित होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की त्रुटि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है, जिससे न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान होता है, बल्कि आम जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है। यह केवल नाम के स्थान का मुद्दा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और प्रोटोकॉल के पालन का विषय है।
भाजपा नेत्री ने संबंधित विभाग, कार्यकारी एजेंसी एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, शिलापट्ट में तत्काल संशोधन कर सांसद का नाम उचित स्थान पर अंकित करने की भी मांग उठाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और सभी सरकारी आयोजनों में प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

