भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस, आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से शनिवार को बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में वर्ष 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि आपातकाल संविधान की आत्मा को बंदी बनाने जैसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने सत्ता बचाने के लिए नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई और विपक्षी नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना भाजपा की प्राथमिकता है।
सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि युवा पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और लोकतंत्र पर उसके प्रभाव की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया।
कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों ब्रह्मदेव नारायण शर्मा, दिनेश मंडल, ललन सिंह और जटा शंकर पांडेय को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा आपातकाल पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
संगोष्ठी में प्रदेश उपाध्यक्ष आभा महतो, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, पूर्व विधायक मेनका सरदार, जिला प्रभारी बबन गुप्ता सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन पप्पू सिंह ने किया।

