राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल अंतर्गत बोलाईडीह में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन और सामाजिक संस्था की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक को चिकन शॉप से मुक्त कराया। यह अभियान टाटा स्टील फाउंडेशन और गम्हरिया अंचल विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। बताया गया कि बालक पढ़ाई करना चाहता था, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उससे मजदूरी करवाई जा रही थी। टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिनिधि रेखा कुमारी ने जानकारी देते हुए कहा कि संस्था “चाइल्ड लेबर फ्री ज़ोन” के संकल्प के तहत लगातार जागरूकता और छापेमारी अभियान चला रही है। पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि एक दंपति, जो अक्सर शराब के नशे में रहते हैं, अपने बच्चों से मजदूरी करा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी शिकायत गम्हरिया अंचल अधिकारी से की गई, जिसके बाद अंचल निरीक्षक के साथ संयुक्त टीम ने छापेमारी कर बालक को मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सख्त चेतावनी दी गई कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। टीम ने आम लोगों से भी अपील की कि वे ऐसे मामलों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाएं ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

