राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा स्थित यूसील कॉलोनी में लगातार जर्जर क्वार्टरों के छज्जे गिरने और कर्मचारियों की सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को गंभीरता से लेते हुए यूसील प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। यूसील के सीएमडी के निर्देश पर कॉलोनी के असुरक्षित क्वार्टरों की पहचान, उनकी वास्तविक स्थिति के आकलन तथा नए आवासों की आवश्यकता की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। राष्ट्र संवाद में लगातार प्रकाशित खबरों के बाद प्रबंधन की सक्रियता बढ़ी है, जिससे कॉलोनीवासियों में उम्मीद जगी है कि अब वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। गठित समिति में प्रकाश झा (चीफ सुपरिंटेंडेंट, इलेक्ट्रिकल), विकास कुमार (अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट, सिविल) तथा तपाधीर भट्टाचार्य (मैनेजर, पर्सनल) को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह कॉलोनी के सभी क्वार्टरों का व्यापक निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और आवश्यक सिफारिशें प्रबंधन को सौंपे। जानकारी के अनुसार यूसील कॉलोनी में करीब 2200 क्वार्टर हैं, जिनमें ए, बी, सी और डी श्रेणी के आवास शामिल हैं। इनमें विशेष रूप से ए, बी और सी टाइप क्वार्टर काफी जर्जर हो चुके हैं। कई जगहों पर छज्जा गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे हैं। वहीं डी टाइप क्वार्टरों में पुराने शौचालय, जर्जर पाइपलाइन, बदहाल बाथरूम और गंदे पानी की निकासी जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। कॉलोनी की सड़कें भी जगह-जगह टूटी हुई हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमडी द्वारा उठाए गए इस कदम का कॉलोनीवासियों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर क्वार्टरों का जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि अब उनकी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता मिलेगी। इधर, संपदा विभाग की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। सिविल विभाग के अधिकारी दिलीप कुमार मंडल की कार्यप्रणाली पर वरीय अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। चर्चा है कि उनके कार्यकाल में कॉलोनी और सड़कों की स्थिति लगातार खराब हुई है तथा रखरखाव कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती गई है। यूसील के डीसीएम पर्सनल राकेश कुमार ने बताया कि दिलीप कुमार मंडल को हटाने के मुद्दे पर सीएमडी स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है और जल्द ही उनके स्थान पर दूसरे अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। कॉलोनीवासियों का मानना है कि यदि प्रबंधन इस बार गंभीरता से कार्रवाई करता है तो वर्षों से बदहाल यूसील कॉलोनी की तस्वीर बदल सकती है और कर्मचारियों को सुरक्षित व बेहतर आवासीय वातावरण मिल सकेगा।

