भारतीय रेलवे के कार्यशालाओं और डिपो में बाबा विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व होता है। यह पर्व शिल्पकारों, इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों के आराध्य देव भगवान विश्वकर्मा को समर्पित होता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न प्रतिष्ठानों में इस पर्व को बड़े ही धूमधाम और विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस कड़ी में सोनपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले बरौनी कोचिंग डिपो में भी बाबा विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों रेलकर्मियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया।
बाबा विश्वकर्मा पूजा का भव्य आयोजन
पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल के अंर्तगत बरौनी कोचिंग डिपो में गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ बाबा विश्वकर्मा का पूजा विधि विधान के साथ किया गया। इस पूजा में गरिप्रकाश, वातायन एवं कैरेज एंड वैगन डिपो के सैकड़ों कर्मचारियों ने इसमे भाग लिया। मौके पर मंडल यांत्रिक अभियन्ता सह पूजा समिति के अध्यक्ष अनुराग, सहायक मंडल विधुत इंजीनियर कोचिंग सह उपाध्यक्ष अमर कुमार, सीसेई अजय बागे, सीमांत कुमार, जिला स्काउट सचिव जीवानंद मिश्रा, राजीव कुमार, ललन कुमार रॉय, भानु कुमार, संजीत कुमार, अजय कांत, रोहित कुमार, मंजीत कुमार आदि उपस्थित थे।
कर्मचारियों में दिखा उत्साह और श्रद्धा
बरौनी कोचिंग डिपो परिसर में सुबह से ही पूजा की तैयारियां जोरों पर थीं। डिपो के मुख्य द्वार को फूलों और रंगोली से सजाया गया था। पूजा स्थल पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया था, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। मंडल यांत्रिक अभियन्ता अनुराग ने यजमान की भूमिका निभाते हुए सभी कर्मचारियों की सुख-समृद्धि और डिपो की प्रगति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर उपस्थित सहायक मंडल विधुत इंजीनियर अमर कुमार ने कहा कि बाबा विश्वकर्मा की कृपा से डिपो में कार्यरत सभी मशीनें और उपकरण सुचारू रूप से चलते रहें, यही कामना है।
पूजा के दौरान सीसेई अजय बागे और सीमांत कुमार ने व्यवस्था संभाली। वहीं जिला स्काउट सचिव जीवानंद मिश्रा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। राजीव कुमार, ललन कुमार रॉय, भानु कुमार, संजीत कुमार, अजय कांत, रोहित कुमार, मंजीत कुमार समेत सैकड़ों कर्मचारियों ने मिलकर आरती की और प्रसाद ग्रहण किया। पूजा समाप्ति के बाद सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी विभागों के कर्मचारियों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे आपसी सौहार्द और मजबूत हुआ।
रेलवे में विश्वकर्मा पूजा का महत्व
रेलवे के लिए बाबा विश्वकर्मा पूजा महज एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सुरक्षा और तकनीकी दक्षता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कोचिंग डिपो में कोचों के रखरखाव, मरम्मत और निरीक्षण का कार्य निरंतर चलता रहता है। कर्मचारियों का विश्वास है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से मशीनरी की खराबी कम होती है और कार्यस्थल पर सुरक्षा बनी रहती है। बरौनी कोचिंग डिपो पूर्व मध्य रेल का एक महत्वपूर्ण इकाई है, जहां से प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनों के रैक निकलते हैं। ऐसे में यहां के कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
इस आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सभी सदस्यों ने दिन-रात मेहनत की। साफ-सफाई से लेकर साज-सज्जा और प्रसाद वितरण तक हर कार्य को व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया गया। डिपो के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों ने युवा कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया, जिससे नई पीढ़ी को इस परंपरा और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला। अंत में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और डिपो की उन्नति का संकल्प लिया। भारतीय रेलवे की यह अनूठी परंपरा तकनीक और आस्था के संगम को दर्शाती है।

