ईरान मिडिल ईस्ट तनाव इन दिनों अंतरराष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। हाल के सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। देवानंद सिंह मध्य-पूर्व एक बार फिर युद्ध और कूटनीति के चौराहे पर खड़ा दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में जिस तरह की सैन्य टकराव की स्थिति बनी, उसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। इसी पृष्ठभूमि में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का पड़ोसी देशों से माफी मांगना और मिसाइल तथा…
Author: Devanand Singh
नेपाल चुनाव: बलेंद्र शाह की पार्टी भारी जीत की ओर काठमांडू | एजेंसी नेपाल में हाल ही में हुए आम चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों में काठमांडू के पूर्व मेयर बलेंद्र शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) भारी बढ़त की ओर अग्रसर दिखाई दे रही है। छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद केपी शर्मा ओली सरकार के पतन के बाद यह पहला आम चुनाव है। चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर दो बजे तक जिन 94 निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना जारी थी, उनमें से 70 सीटों पर आरएसपी आगे चल रही थी। वहीं नेपाली…
नेपाल की राजनीति में नया अध्याय: क्या युवा नेतृत्व बदल पाएगा व्यवस्था? देवानंद सिंह नेपाल की राजनीति इन दिनों एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। हाल ही में हुए चुनावों में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह का नाम प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में तेजी से उभर कर सामने आया है। मात्र 35 वर्ष की उम्र में बालेन शाह का यह राजनीतिक उभार न केवल नेपाल की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दे रहा है, बल्कि यह दक्षिण एशिया की राजनीति में भी एक नए प्रयोग का संकेत देता है। पिछले साल सितंबर में नेपाल में हुए हिंसक…
यूपी की थाली में परोसा गया ‘सरकारी’ ज़हर: क्या अफसरों की जेबें भरने की कीमत जनता की जान है! राष्ट्र संवाद उत्तर प्रदेश (इंद्र यादव) साढ़े छह करोड़ का ज़हरीला तेल ज़ब्त होना विभाग की ‘उपलब्धि’ कम और उसकी ‘नाकामी’ का स्मारक ज़्यादा है। उत्तर प्रदेश के घर-घर में जो तेल पहुँच रहा था, वह रातों-रात पैदा नहीं हुआ। मुज़फ्फरनगर से लेकर गोरखपुर तक फैक्ट्रियां महीनों से चल रही थीं, ट्रकें दौड़ रही थीं और स्टिकर बदले जा रहे थे। सवाल यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) के ज़मीनी अधिकारी उस वक्त क्या ‘गुड़’ खाकर सो रहे थे! मिलीभगत…
सावधान! फोन पर दिखने वाला हर ‘चमत्कार’ सच नहीं होता: डिजिटल अंधविश्वास का भंडाफोड़! मुंबई (इंद्र यादव) आजकल हम सबके व्हाट्सएप और फेसबुक पर ऐसे वीडियो की बाढ़ आ गई है जिनमें दावा किया जाता है कि “इस अद्भुत गाय को देखो जिसके तीन सिर हैं” या “इस मूर्ति ने अचानक आंखें खोल दीं।” साथ में एक धमकी या लालच भी जुड़ा होता है— “इसे 11 लोगों को भेजो तो शाम तक छप्पर फाड़कर पैसा आएगा, नहीं भेजा तो अनर्थ हो जाएगा।” आइए, इस ‘डिजिटल जाल’ की कड़वी सच्चाई को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं। यह ‘चमत्कार’…
कामाख्या मंदिर: शक्तिपीठ और तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र असम की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का एक अनन्य स्तंभ गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर है। यह न केवल एक उपासना स्थल है, बल्कि प्राचीन कामरूप की वास्तुकला, तंत्र साधना और शक्ति पूजा का एक जीवंत दस्तावेज भी है। १. भौगोलिक स्थिति और धार्मिक महत्व असम के हृदय स्थल गुवाहाटी शहर के पश्चिमी छोर पर, ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित नीलाचल पहाड़ी की गोद में माँ कामाख्या का पवित्र धाम विराजमान है। समुद्र तल से लगभग ८०० फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर पूरे भारत…
होली के फीके पड़ते रंग और बदलती परंपराएं • प्रमोद दीक्षित मलय- त्योहार-उत्सव हमारे दैनंदिन जीवन से गहराई से जुड़े होते हैं। त्योहार केवल उत्साह, उमंग एवं उल्लास के माध्यम भर नहीं हैं अपितु हमारा पारिवारिक और सामाजिक जीवन एवं कार्य-व्यवहार कैसा हो, यह संदेश भी देते हैं। समाज एवं देश के विकास के लिए पारस्परिक मैत्री, भ्रातृत्व एवं सुख-दुख में साझेपन का भाव महत्वपूर्ण आधार होते हैं, त्योहार इस भावना को सुदृढ़ करते हैं। त्योहार ही हैं जो हमारी सामाजिक चेतना, सहकारिता एवं बंधुत्व भाव को ऊर्जस्वित करते हैं। त्योहार मानव जीवन के साथ ही प्रकृति एवं अन्य जीव-जंतुओं…
नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से बिहार की राजनीति में हलचल – ललित गर्ग – बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ उस समय सामने आया जब राज्य के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतिश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का निर्णय स्वीकार किया और इसके लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के अवसर पर देश के गृह मंत्री अमित शाह का पटना पहुँचना भी इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। लगभग दो दशकों तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार का यह निर्णय केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक…
नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की चर्चा ने बिहार की राजनीति में अचानक हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री के रूप में लंबे समय तक राज्य की राजनीति का केंद्र रहे नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की संभावना ने जदयू के भीतर नेतृत्व और भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। देवानंद सिंह- बिहार की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है, जहां से आगे की दिशा केवल सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं है, बल्कि एक पूरे राजनीतिक दल के भविष्य से भी जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री द्वारा राज्यसभा के लिए नामांकन किए जाने…
🙏🌅नमस्कार 🌅🙏 *आपका *राष्ट्र* *आपका *संवाद* *राष्ट्र संवाद पञिका* *राष्ट्र संवाद तीसरे दशक में* *बेमिसाल 25 साल* *राष्ट्र संवाद की मुहिम : सकारात्मक पत्रकारिता से ही बदलेगा समाज* 🪷जय गणेश 🪷 💐दिनांक 03 दिन मंगलवार 2026 www.rashtrasamvad.com Rashtra Samvad Jamshedpur – Page 1 – Rashtrasamvad – https://epaper.rashtrasamvad.com/publication *********************** Check out rashtrasamvad (@rashtrasamvad1): https://twitter.com/rashtrasamvad1?s=08 ************************* *NOW RASHTRASAMVAD AVAILABLE ON MOBILE APP* JHAHIN2000/1039 *राष्ट्रसंवाद दैनिक:-* JHAHIN01092 *राष्ट्र संवाद नजरिया : होली हेडलाइंस में जिनका नाम दो बार है वे कृपया करके जॉनी वाकर का तोहफा देने का कष्ट करें आप समझ तो गए हैं ना* *पैकेट से कलम को निकाल लिया मोरा…
