एकाग्रचित्तता का बेहतरीन माध्यम है तीरंदाजी : अर्जुन मुंडा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
एकाग्रचित्त होने का सबसे अच्छा माध्यम तीरंदाजी है। भारत में तीरंदाजी को लेकर संभावनाएं काफी अधिक हैं और देश के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस खेल में आगे बढ़ रहे हैं। यह बातें भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने बोकारो में आयोजित सेकंड एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट में जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड और पूरे भारत में तीरंदाजी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान समय में तीरंदाजी को मुख्य रूप से आउटडोर खेल के तौर पर जाना जाता है, लेकिन अब इंडोर आर्चरी का कल्चर भी विकसित हो रहा है। भारत में इंडोर आर्चरी के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए उनके मंत्री रहते एकलव्य मॉडल स्कूल और नवोदय विद्यालयों में भी खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर देने की पहल की गई थी। इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे आने का बेहतर मंच मिला है।

