झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, 27 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस और सीआरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। राज्य पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तादाशा मिश्रा की मौजूदगी में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी के सदस्य शामिल हैं। इस दौरान नक्सलियों ने 16 आधुनिक हथियार और 2500 से अधिक कारतूस सुरक्षा बलों के समक्ष जमा किए।
सीआरपीएफ के आईजी ने कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सफल मुठभेड़ों से नक्सली संगठनों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण बड़ी संख्या में उग्रवादी अब हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
डीजीपी तादाशा मिश्रा ने इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव से नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। उन्होंने जंगलों में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की।
गोइलकेरा के सांगाजाटा का सागेन अंगरिया समेत दर्जनों इनामी नक्सलीने किया सरेंडर
फिलहाल इनमें सबसे बड़ा नाम गोइलकेरा के सांगाजाटा का निवासी पांच लाख का इनामी नक्सली सागेन अंगरिया का है। सागेन स्पेशल एरिया कमेटी मेंबर है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 123 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा करण तियू (गोइलकेरा, चाईबासा) – दो लाख का इनामी, 29 मामले, गादी मुण्डा उर्फ गुलशन (बुंडू, रांची) – पांच लाख इनामी, 48 मामले, नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया (अड़की, खूंटी) – पांच लाख इनामी, 38 मामले, रेखा मुण्डा उर्फ जयंती (बुंडू, रांची) – पांच लाख इनामी, 18 मामले, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (छोटानगरा, चाईबासा) – 14 मामले, सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (छोटानगरा, चाईबासा) – पांच लाख इनामी, 13 मामले, एरिया कमांडर रैंक के नक्सली बासुमती जेराई उर्फ बासू (किरीबुरू, चाईबासा) – एक लाख इनामी, 14 मामले, बैजनाथ मुण्डा (तमाड़, रांची) – 04 मामले, रघु कायम उर्फ गुणा (मुफस्सिल, चाईबासा) – 19 मामले, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (टोंटो, चाईबासा) – 11 मामले, राम दयाल मुण्डा (तमाड़, रांची) – 04 मामले, इसके अलावा 13 सक्रिय कैडरों में वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम, लादू तिरिया भी आत्मसर्मपण किया । इन पर दर्जनों जवानों की हत्या, पुलिस मुठभेड़, लेवी वसूली, विस्फोट, आगजनी और हथियारबंद हमलों जैसी 426 नक्सली घटनाओं में शामिल होने के मामले दर्ज हैं।

