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    यूसील सीएमडी पर एफआईआर होने के बाद बर्खास्त करने की उठी मांग , महिला अधिकारी न्याय के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार

    News DeskBy News DeskAugust 2, 2025No Comments2 Mins Read
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    यूसील सीएमडी पर एफआईआर होने के बाद बर्खास्त करने की उठी मांग , महिला अधिकारी न्याय के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार
    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जादूगोड़ा: यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) के सीएमडी डॉ. संतोष कुमार सतपति पर गंभीर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। यूसील में कार्यरत एक महिला अधिकारी ने जादूगोड़ा थाना में कांड संख्या 43/2025 के तहत एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे यूसील प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।

     

    पीड़ित महिला अधिकारी ने बताया कि सीएमडी द्वारा लगातार यौन उत्पीड़न किया जा रहा था। न्याय की गुहार लेकर उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (DAE) को भी पत्र लिखा, लेकिन एक महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर अंततः थाना में शिकायत दर्ज कराई।

    महिला अधिकारी ने कहा
    “न्याय के लिए हर दरवाजे पर दस्तक दूंगी। राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग तक जाऊंगी।”

     

    महिला संगठनों और यूनियन में आक्रोश

    घटना से महिला संगठनों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है – “अगर किसी संस्थान में महिला कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बड़ी चुनौती है। दोषी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
    यूसील के पूर्व यूनियन नेताओं ने भी इसे “संस्थान की छवि पर सबसे बड़ा धब्बा” बताया। उनका कहना है कि पहली बार सीएमडी स्तर के अधिकारी पर यौन शोषण का मामला दर्ज हुआ है।

     

    आरोपों पर सीएमडी ने दी चुप्पी

    अपने ऊपर लगे आरोपों पर डॉ. संतोष सतपति ने मीडिया से बात करने से इंकार करते हुए कहा –
    “मामला न्यायालय में है, अपनी बात वहीं रखूंगा।”

    जांच में असर न पड़े, सीएमडी को हटाने की मांग

    क्षेत्र में यह मांग जोर पकड़ रही है कि जांच के दौरान सीएमडी को पद से हटाया जाए, ताकि वह जांच को प्रभावित न कर सकें। साथ ही, प्रशासन से अन्य अधिकारियों की अनैतिक गतिविधियों की जांच और छापेमारी की भी मांग उठ रही है।

    पुलिस की चुनौती

     

    थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल मामले के अनुसंधानकर्ता हैं। उन्होंने कहा “मामला घाटशिला कोर्ट भेज दिया गया है।

     

    यूसील पर पहले से भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, अब इस यौन शोषण प्रकरण ने उसकी छवि को और धूमिल कर दिया है। केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग उठ रही है ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिल सके।

     

    महिला अधिकारी न्याय के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार यूसील सीएमडी पर एफआईआर होने के बाद बर्खास्त करने की उठी मांग
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