अमन श्रीवास्तव की गिरफ्तारी में
एडीजी लाटकर की भूमिका महत्वपूर्ण
झारखंड में नक्सलियों को नाकों चने चबवाने वाले झारखंड पुलिस के एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान वे महाराष्ट्र में सीआरपीएफ और महाराष्ट्र एटीएस में काम कर चुके हैं. झारखंड एटीएस की टीम को जब यह सूचना मिली कि अमन श्रीवास्तव लगातार मुंबई में ही रह रहा है, तब संजय आनंद ने खुद मोर्चा संभाला और महाराष्ट्र एटीएस में अपने परिचित अफसरों से उसकी गिरफ्तारी को लेकर मदद मांगी. चुकि एडीजी संजय आनंद लंबे समय तक महाराष्ट्र में काम कर चुके थे इसलिए उन्हें अमन को गिरफ्तार करने के लिए जिन भी तरह की मदद की जरूरत थी वह मिलने लगी. रांची से गई टीम महाराष्ट्र एटीएस के साथ मिलकर अमन को खोजने के काम में लग गई. अमन इतना शातिर था कि वह पकड़ में नहीं आ रहा था.
वह लगातार अपने लोकेशन और फोन नंबर दोनों ही बदल रहा था. हालांकि रेकी करने के दौरान झारखंड एटीएस की टीम को यह तो जानकारी मिल ही गई कि सबसे ज्यादा आने जाने के लिए अमन श्रीवास्तव मुंबई के वाशी रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल कर रहा है.वाशी स्टेशन को ही बनाया बेस: मुंबई के सभी रेलवे स्टेशन पर फेस डिटेक्शन कैमरे लगे हुए हैं. महाराष्ट्र एटीएस ने अमन की तीन तस्वीरें रेलवे स्टेशन में लगे फेस डिटेक्शन कैमरे में फीड कर दी. जो रिजल्ट आया उसे देखकर झारखंड एटीएस और महाराष्ट्र एटीएस के अफसर खुश हो गए,
क्योंकि अमन वाशी रेलवे स्टेशन का ही लगातार प्रयोग कर रहा था. जिसके बाद रांची से गए एटीएस के अफसरों ने वाशी रेलवे स्टेशन को ही अपना बेस बना लिया. आखिरकार एटीएस के लिए वह दिन भी आ गया जब सूरत से चलकर मुंबई आने वाली ट्रेन में अमन श्रीवास्तव बैठा दिखाई दे गया. मुंबई एटीएस और झारखंड एटीएस के एक दर्जन अफसर वाशी स्टेशन पर मोर्चा संभाले हुए थे, जैसे ही अमन श्रीवास्तव बाहर निकला उसे धर दबोचा गया.आज लाया गया रांची: गिरफ्तार अमन श्रीवास्तव को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज रांची लाया गया. रांची लाने के बाद एटीएस मुख्यालय में उससे पूछताछ की जा रही है

