सावधान! भायंदर में अभिनव पाठक का ‘नशा नेटवर्क’: रिक्शा की आड़ में परोस रहा है मौत का ड्रग्स!
मुंबई (इंद्र यादव) भायंदर (पूर्व) जिस रिक्शे को हम सुरक्षित सफर का जरिया समझते हैं, अगर वही ‘मौत की दुकान’ बन जाए तो आप क्या करेंगे! भायंदर पूर्व के नवघर पुलिस स्टेशन की हद में इन दिनों कुछ ऐसा ही खौफनाक खेल चल रहा है। ज्योति बार के पास का इलाका अब केवल ट्रैफिक के लिए नहीं, बल्कि नशे के खुले बाज़ार के रूप में बदनाम हो रहा है।
रिक्शा बना ‘ड्रग्स का अड्डा’
ताजा जानकारी के अनुसार, अभिनव पाठक और गणेश हरिश्चंद्र अपने अन्य गुर्गों के साथ मिलकर भायंदर की सड़कों पर मौत का सामान बेच रहे हैं। ये शातिर अपराधी एक रिक्शे का इस्तेमाल करते हैं, ताकि पुलिस की नज़रों से बच सकें और ग्राहकों तक आसानी से MD (मेफेड्रोन) और ब्राउन शुगर पहुँचा सकें।
सामाजिक चिंतन: उजाड़ रही हैं बस्तियां, बर्बाद हो रही जवानी
यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे समाज की जड़ों पर प्रहार है।
युवाओं पर वार: कॉलेज जाने वाले छात्र और मज़दूर वर्ग के युवा इन सौदागरों का आसान शिकार बन रहे हैं।
बढ़ता अपराध: नशा करने के लिए पैसे जुटाने के चक्कर में इलाके में चोरी और छिनैती की वारदातें बढ़ने की आशंका है।
बर्बाद होते परिवार: एक बच्चा जब नशे की लत में पड़ता है, तो सिर्फ वह नहीं, बल्कि उसका पूरा परिवार तिल-तिल कर मरता है।
जनता का आक्रोश: “पुलिस आखिर कहाँ है”
एमबीवीवी (MBVV) पुलिस आयुक्तालय के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, नवघर पुलिस की नाक के नीचे ज्योति बार जैसे व्यस्त इलाके में यह गोरखधंधा कैसे फल-फूल रहा है? स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये अपराधी बेखौफ हैं। क्या इन्हें कानून का डर नहीं है या फिर इन्हें किसी का संरक्षण प्राप्त है!
सावधान रहें और आवाज़ उठाएं!
नशे के ये सौदागर हमारे बीच ही छिपे हैं। अगर आज हमने इनके खिलाफ आवाज़ नहीं उठाई, तो कल हमारा अपना घर भी इसकी ज़द में आ सकता है।
स्थान: ज्योति बार के पास, भायंदर ईस्ट (नवघर पुलिस सीमा)
आरोपी: गणेश हरिश्चंद्र बुझाड़, अभिनव पाठक व साथी।
करतूत: रिक्शे की आड़ में MD और ब्राउन शुगर की तस्करी।
समाजसेवी डॉ बीनू वर्गीस जी की अपील: प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर इन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। भायंदर की जनता अब ‘नशामुक्त भायंदर’ चाहती है, खोखले आश्वासन नहीं!
नशे के खिलाफ इस जंग में आपका एक छोटा सा कदम किसी की ज़िंदगी बचा सकता है। सजग रहें, सुरक्षित रहें!
