बेसहारा परिवार को मिला मानवता का संबल व्यॉस ऑफ ह्यूमिनिटी की पहल बनी समाज के लिए प्रेरणा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जब हालात उम्मीद तोड़ने लगें, तब मानवता ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। ऐसा ही एक उदाहरण कांड्रा एसकेजी कॉलोनी में देखने को मिला, जहां व्यॉस ऑफ ह्यूमिनिटी, जमशेदपुर ने एक जरूरतमंद परिवार की पीड़ा को समझते हुए उसे राहत पहुंचाई।

जानकारी के अनुसार, उक्त परिवार की मुखिया 65 वर्षीय वृद्धा हैं, जिन पर नौ वर्षों से अपाहिज अवस्था में पड़े पति की देखभाल की जिम्मेदारी है। पति पूर्व में एसकेजी ग्लास फैक्ट्री में अधिकारी रह चुके हैं। परिवार में एक मानसिक रूप से दिव्यांग पुत्र भी है। सीमित साधनों के बीच वृद्धा का जीवन केवल सरकारी वृद्धा पेंशन के सहारे चल रहा है।
परिवार की स्थिति की जानकारी मिलते ही व्यॉस ऑफ ह्यूमिनिटी के प्रतिनिधि हरि सिंह राजपूत, सत्यम सिंह एवं शिवांगी सिंह ने पहल करते हुए परिवार को एक माह का राशन एवं कंबल उपलब्ध कराया। इस सहयोग से परिवार को न केवल तत्काल राहत मिली, बल्कि जीवन के संघर्ष में नया हौसला भी प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि व्यॉस ऑफ ह्यूमिनिटी समाजसेवी युवाओं का एक समर्पित समूह है, जो समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इनकी यह पहल समाज में मानवीय मूल्यों को सशक्त करने वाली एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

