Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
      • दैनिक ई-पेपर
      • ई-मैगजीन
      • साप्ताहिक ई-पेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » आंध्र प्रदेश: पुलिस ने चार अलग-अलग स्थानों से 400 किलो गधे का मांस जब्त, सात लोगों को गिरफ्तार
    Breaking News Headlines

    आंध्र प्रदेश: पुलिस ने चार अलग-अलग स्थानों से 400 किलो गधे का मांस जब्त, सात लोगों को गिरफ्तार

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 11, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    अमरावती. आंध्र प्रदेश पुलिस ने रविवार की देर रात बापटला शहर में चार अलग-अलग स्थानों से 400 किलोग्राम गधे का मांस जब्त किया है. इतनी बड़ी मात्रा में पकड़ा गया गधे का मीट देश में अपनी तरह की सबसे बड़ी जब्ती मानी जा रही है. 400 किलोग्राम गधे का मांस जब्त करने के साथ ही पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है. छापेमारी में पुलिस की मदद करने वाले वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने कहा कि आंध्र प्रदेश में गधों को मारने की प्रथा कई साल पुरानी है. आरोपी मांस को 600 रुपये किलो बेच रहे थे.

     

    टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में व्यापक मान्यता है कि गधे का मांस पीठ दर्द और अस्थमा को ठीक कर सकता है. गधे का यह मीट व्यापक रूप से प्रकाशम, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और गुंटूर जिलों में बेचा और खाया जाता है.

     

    भारत में गधे को मारे जाने या मीट बेचने पर पकड़े जाने पर सजा का प्रावधान है. भारतीय दंड संहिता की धारा 429 के तहत गधों के वध पर प्रतिबंध है जिसमें दंड के रूप में पांच साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. ऐसे मामलों में पशु क्रूरता कानून के तहत भी कार्यवाई की जाती है. बरामदगी ऐसे समय हुई है जब देश गधों की आबादी में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार गधे के मांस का सेवन अवैध है.

     

    2019 की पशुधन गणना के अनुसार भारत में गधों की आबादी घटकर 12 लाख हो गई, जो 2012 में 32 लाख हुआ करती थी. गिरावट का एक बड़ा कारण चीन में गधे की खाल की मांग को भी माना जाता है.

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleछत्तीसगढ़ में ईडी की बड़ी कार्यवाही, सीएम बघेल के करीबी अधिकारियों के घर छापेमारी
    Next Article जम्मू-कश्मीर में किराना दुकानों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स में मिलेगी बीयर और वोदका, प्रशासन ने दी अनुमति

    Related Posts

    संघर्षविराम पर सियासत उचित नहीं

    May 13, 2025

    पाकिस्तान को समय रहते सबक सिखाना आवश्यक

    May 13, 2025

    शानदार जीत से भारत एशिया की एक बड़ी शक्ति बना

    May 13, 2025

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    संघर्षविराम पर सियासत उचित नहीं

    पाकिस्तान को समय रहते सबक सिखाना आवश्यक

    शानदार जीत से भारत एशिया की एक बड़ी शक्ति बना

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस

    ओल चिकी के जनक पं. रघुनाथ मुर्मू की जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि सभा व रक्तदान शिविर

    कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अजय ने इस्प्लान बस्ती पहुंचकर दिवंगत राजेश झा के पिता को दी श्रद्धांजलि

    नहीं बचेंगे ‘मइयां सम्मान योजना’ के संभावित फर्जी लाभुक:उपायुक्त

    विश्वकर्मा समाज की केन्द्रीय कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न, प्रदीप शर्मा अध्यक्ष निर्वाचित, उपाध्यक्ष पद पर दो जीते

    पी एन बॉस एक बड़े विजनरी थे:डीबी सुंदर रमन

    पंचायत प्रतिनिधियों ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीदों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि देने के पश्चात मां पहाड़ी का पूजा अर्चना किया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2025 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.