जामताड़ा: समाज में शिक्षकों की गरिमा आज वर्तमान युग से ही नहीं बल्कि युग युग से है|क्योंकि शिक्षक समाज का वह अंग है जो सही तरीके से बोलना सिखाता है समाज में जीना सिखाता है| गौरतलब है कि स्कूलीवस्था में छात्र/छात्राओं को शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर समाज का सही नागरिक बनाता है| इस तरह से एक शिक्षक अपनी जिंदगी में जब शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देकर सेवानिवृत्त होते हैं तो ऐसी जिंदगी को एक सफल जिंदगी कहा जा सकता है| आपको बता दें प्राथमिक विद्यालय गायपाथर के प्रभारी प्रधानाध्यापक स्वाधीन कुमार मंडल 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो गए |मौके पर स्वाधीन कुमार मंडल ने कहा कि उन्होंने 26 फरवरी 2004 को सरकारी विद्यालय में शिक्षक के पद पर योगदान दिए थे जो 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत्त हो गये|इस मौके पर कुंडहित शैक्षणिक अंचल के शिक्षकों द्वारा स्वाधीन कुमार मंडल को विदाई सह सम्मान समारोह में बुके ,शॉल ,गीता, छाता देकर सम्मानित किया और ईश्वर से सकुशल जीवन जीने की ,स्वस्थ रहने की व दीर्घायु की प्रार्थनाएं की| वही नये शिक्षक के पद पर सुबीर कुमार मंडल को पदस्थापित किया गया| मौके पर जिप सदस्य सुभद्रा बाउरी, प्रणय कुमार सिंह,देवीश्वर सोरेन, संजय वाद्यकर, सुखेन मान्ना, शांतिमय माजी, संजीव बनर्जी, कुनाल गोस्वामी, दीपक गिरी, स्वपन पातर, दीलीप मंडल, स्वपन मंडल, घनश्याम गोराई आदि मौजूद थे|

