जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष-सह-उपायुक्त श्री फ़ैज़ अक अहमद मुमताज की अध्यक्षता में सिद्धो-कान्हू कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि. जामताड़ा के निबन्धनोपरांत प्रारम्भिक आमसभा संपन्न
सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि. की निबंधित उपविधियों को किया अंगीकार
कृषि एवं अनुषंगी गतिविधियों तथा वनोपज के व्यापार से ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त करना ही सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ का है मुख्य उद्देश्य ; अपने कार्यों व कर्तव्यों के प्रति सजग रहें – श्री फ़ैज़ अक अहमद मुमताज (भा.प्र.से.), उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला सहकारी संघ, जामताड़ा।
आज दिनांक 11.02.2022 को सिद्धो-कान्हू कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि. जामताड़ा के निबन्धनोपरांत प्रारम्भिक आमसभा उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला सहकारी संघ, जामताड़ा श्री फ़ैज़ अक अहमद मुमताज (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में आहूत की गई।
बैठक में समिति के उपविधि का अंगीकरण, निदेशक पर्षद का निर्वाचन, खाता संचालन, समिति के प्रतिनिधि का चयन, सदस्यता वृद्धि पर विचार सहित विशेष आमंत्रित सदस्य हेतु निर्णय आदि पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री फ़ैज़ अक अहमद मुमताज (भा.प्र.से.) ने सभी सदस्यों से बारी बारी से परिचय प्राप्त किया।
इस दौरान सभी सदस्यों को निबंधित उपविधियों के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी।
सभी सदस्यों के द्वारा सर्वसम्मति से सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि. की निबंधित उपविधियों को अंगीकार किया गया।
ज्ञातव्य हो कि सिद्धो- कान्हू कृषि वनोपज जिला सहकारी संघ लि. जामताड़ा के निदेशक परिषद में कुल निर्वाची सदस्य 10 सदस्य (05 महिला एवं 02 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) तथा समिति के निदेशक पर्षद द्वारा नामित सदस्यों की संख्या 03 है। ये सभी पैक्स/लैम्प्स के प्रारम्भिक सदस्य बने।
इस मौके पर उपायुक्त ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को सभी सदस्य को बेहतर कार्य हेतु उचित प्रशिक्षण देने का आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
उपायुक्त द्वारा सिद्वो-कान्हू कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ के वित्तीय संचालन के लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सभी अपने कार्यों व कर्तव्यों के प्रति सजग रहें साथ ही उनके कार्य दायित्वों के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज संघ का उद्देश्य कृषि एवं अनुषंगी गतिविधियों तथा वनोपज के व्यापार से ठेकेदारी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कराना है।
इसके अतिरिक्त अनुसूचित जनजाति एवं ग्रामीणों को उनके द्वारा उत्पादित एवं संग्रहित उत्पादों का उचित पारिश्रमिक दिलवाना, कृषि एवं वनोपज जैसे धान, गेहूं, सब्जी-फल, लाह, ईमली, कोदो, कुटकी, सरगुजा, चिरौंजी, साल, आंवला, महुआ, करंज, हर्रे, बहेड़ा, रेशम आदि का उत्पादन, संकलन, प्रसंस्करण, अनुसंधान तथा विकास की विभिन्न गतिविधयों को सहकारी आधार पर संगठित करना, क्रय-विक्रय एवं वितरण की ऐसी व्यवस्था करना है जिससे कि सदस्यों को सर्वोत्तम लाभ मिले।
इस मौके पर उपरोक्त के अलावे वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री बनकर अजिंक्य देवीदास (भा.व.से.), परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री अभिषेक श्रीवास्तव, डीआरडीए निदेशक, श्री जावेद अनवर इदरीसी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री प्रधान मांझी, जिला कृषि पदाधिकारी श्री सबन गुड़िया, जिला सहकारिता पदाधिकारी, श्री चंद्रजीत खलखो सहित संबंधित अधिकारी एवं सदस्य एवं अन्य उपस्थित थे।

