जामताड़ा: आज वर्तमान युग कहां से कहां पहूंच गया|लोग चांद का शैर कर गये|पर इस डीजीटल युग में आज भी कुछ लोग ऐसे है जिन्हें साइकिल चलाना नही आता है|भले ही उसे कितना भी दूरी तय करना पड़े|ऐसा ही एक मामला कुंडहित प्रखंड के बाबुपुर पंचायत अंतर्गत देवली गांव गोठु बावरी का है|जिसे अभी तक साइकिल चलाना नही आता है|बता दे सोमवार को संवाददाता से गोठु बावरी की काकड़ाशोला के समीप भेट हुई|गोठु बावरी ने संवाददाता को बाइक खड़ी करने के लिए संवाददाता को हाथ इशारा किया|गाड़ी खड़ी करने पर वह गाड़ी पर बैठा|तभी बातचीत करने के क्रम में पता चला कि उन्हे साइकिल चलाना नही आता है|कहा कि वह अपनी बेटी के ससुराल पश्चिम बंगाल के सकड़भंगा गया था|जिसकी दूरी उसके घर से लगभग 40-45 किमी होगी|कहा कि वह इस तरह से लगभग 50-60 किमी दूरी तक का सफर पैदल ही कर लेते है|कहा कि उसे साइकिल चलाने से काफी डर लगता है कि कही वह गिरकर घायल न हो जाये|एक प्रकार से उस व्यक्ति के दिमाग में डर रहने से वह आज तक साइकिल चलाना सिखने का प्रयास नहीं किया|ऐसे मामला सुनना कुछ अजीब सा प्रतित हो रहा है|जबकी आज वर्तमान में देखा जाये तो छोटे-छोटे बच्चे भी बाइक चलाते है|
https://youtu.be/cLDBJD8rVQ0

