Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » देश को जल्द मिलने वाली है कोरोना की 4 और वैक्सीन, कंपनी ने किया ये दावा
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    देश को जल्द मिलने वाली है कोरोना की 4 और वैक्सीन, कंपनी ने किया ये दावा

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 18, 2021No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माताओं में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि कोरोना के खिलाफ 4 और वैक्सीन पर काम चल रहा है. बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ने ही कोविशील्ड को तैयार किया है जिसका इस्तेमाल भारत में शुरू हो चुका है. सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि सभी वैक्सीन के ट्रायल का काम जोरों पर है और उम्मीद है कि जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा.

    सीरम इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव के मुताबिक नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ कोविशिल्ड के अलावा चार और वैक्सीन पर काम तेजी से चल रहा है. जाधव ने एक वेबिनार के दौरान बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ कुल 5 वैक्सीन पर काम कर रहा है जिसमें कोविशील्ड भी शामिल है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत और दूसरे देशों के लिए अपने संभावित कोविड-19 वैक्सीन के निर्माण के लिए नोवावैक्स इंक के साथ साझेदारी की है.

    सवाल उठाने वालों को सीरम इंस्टीट्यूट का जवाब

    सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को बिना पूरा ट्रायल किए इस्तेमाल करने पर सवाल भी उठ रहे हैं लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है. अफ्रीका में 4 साल पहले इबोला का प्रकोप जब हुआ था, तब एक कनाडाई फार्मास्युटिकल फर्म ने वैक्सीन तैयार की थी. इस वैक्सीन का केवल पहला चरण पूरा हुआ था और दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा था. ट्रायल पूरा होने से पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबलूएचओ) ने इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी और तब वैक्सीन ने इबोला को काबू करने में मदद की थी.

    वैक्सीन के इस्तेमाल पर सवाल क्यों- जाधव

    सीरम इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने ॥1हृ1 महामारी का जिक्र भी किया. सुरेश जाधव ने कहा कि साल 2009 में भी द्ध1ठ्ठ1 महामारी का टीका बनाया गया था तब क्लिनिकल परीक्षणों के सभी चरणों को पूरा करने के बाद वैक्सीन के विकास के लिए और वैक्सीन लगाने के लिए एक साल से ज्यादा का वक्त लग गया था लेकिन इसके उलट पश्चिम में दवा निर्माताओं ने ऐसे उत्पादों की मार्केटिंग 7 महीने से भी कम समय में शुरू कर दी थी तब किसी ने उनसे सवाल नहीं किया था, ऐसे में कोविशील्ड के इस्तेमाल पर सवाल उठाना सही नहीं है. आपको बता दें कि विपक्ष बिना पूरे ट्रायल के वैक्सीन के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है जिसका जवाब कंपनी ने साफ-साफ दे दिया है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleयूपी : पीलीभीत में पुलिस कर्मी ही चला रहे थे सैक्स रैकेट, ऐसे हुआ खुलासा, दो आरक्षक सस्पेंड
    Next Article बगावती तेवर दिखाकर शताब्‍दी रॉय ने झटका TMC में बड़ा पद

    Related Posts

    15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, ‘ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन’ सम्मानित

    May 10, 2026

    सावधान! बीवी को पढ़ाया, नर्स बनते ही छोड़ा? गोंडा राजेश रेनू विवाद | राष्ट्र संवाद

    May 10, 2026

    महिला आरक्षण: राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र | राष्ट्र संवाद

    May 10, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    15वें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का भव्य समापन, ‘ए न्यू पोस्टबॉक्स : टेल्स फ्रॉम पार्टीशन’ सम्मानित

    सावधान! बीवी को पढ़ाया, नर्स बनते ही छोड़ा? गोंडा राजेश रेनू विवाद | राष्ट्र संवाद

    छपकर बिकते थे कभी, सच के थे अख़बार,

    महिला आरक्षण: राजनीतिक दलों का दोहरा चरित्र | राष्ट्र संवाद

    प्रतिनिधित्व और संतुलन: शुभेंदु मंत्रिमंडल में नए बंगाल की झलक | राष्ट्र संवाद

    बंगाल में पहली भाजपा सरकार: शुभेंदु अधिकारी मंत्रिमंडल | राष्ट्र संवाद

    हर घर नल-जल योजना बनी मुसीबत! पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें तबाह, दलदल में फिसल रहे ग्रामीण

    28 साल से पुनर्वास की राह देख रहे चाटीकोचा के विस्थापित, टेलिंग पॉन्ड की धूल और रेडिएशन पर बढ़ी चिंता

    दिनदहाड़े माइक्रो फाइनेंस कर्मी से डेढ़ लाख की लूट, विरोध पर अपराधियों ने की फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात

    मेघाहातुबुरु में दर्दनाक घटना: ठेका मजदूर ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.