रांची : खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने विभागीय सचिव अमिताभ कौशल को नये राशन कार्ड जारी करने के संबंध में पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधानों के मुताबिक झारखंड में अधिकतम 2,64,43,330 लोगों को राशन दिया जा सकता है. यह सीमा 2011 की जनसंख्या के आधार पर निर्धारित है.
वर्ष 2001 से 2011 के बीच के दशक में जनसंख्या वृद्धि दर 22.42 प्रतिशत थी. इसमें अब कमी आयी है. भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 1.64 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के आधार पर जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है. इस हिसाब से वर्तमान दशक में जनसंख्या वृद्धि की दर 16.40 प्रतिशत के आसपास है.इस वृद्धि दर के परिप्रेक्ष्य में दिसंबर 2019 तक राज्य की जनसंख्या बढ़कर 3,78,57,182 हो जायेगी. प्रति परिवार पांच व्यक्ति का आधार मानें, तो वर्ष 2011 के मुकाबले राज्य में 9,73,810 परिवार बढ़े हैं. इसके आधार पर राशन कार्ड की संख्या में वृद्धि करना उचित होगा. अभी राज्य के विभिन्न जिलों को मिलाकर कुल 7,94,844 राशन कार्ड के आवेदन लंबित हैं.यदि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के मानक के अनुसार वर्तमान जनसंख्या को राशन देने तथा इसके अनुसार राशन कार्ड बनाने की व्यवस्था हो, तो सभी योग्य लाभुकों को राशन कार्ड मुहैया कराया जा सकता है. इस आधार पर भारत सरकार से यह आग्रह करना ठीक होगा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप 31 दिसंबर 2019 की जनसंख्या को राशन कार्ड बनाने का आधार निर्धारित किया जाये व इसी अनुसार अनुदानित दर पर मिलने वाले चावल व गेहूं की मात्रा (कोटा) में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजा जाये.