रायपुर. छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में करीब तीन महीने पहले कथित रूप से सामूहिक बलात्कार झेलने वाली 17 साल की किशोरी ने आत्महत्या कर ली थी. पुलिस को घटना की सूचना प्राप्त होने के बाद उसने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. कोंडागांव जिले के पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि हमें आज ही स्थानीय मीडिया में आयी खबरों से सूचना मिली है कि धनोरा थाना क्षेत्र में 19 जुलाई को पांच लोगों ने नाबालिग किशोरी के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली.
अधिकारियों ने बताया कि घटना की इससे पहले पुलिस के पास कोई सूचना नहीं थी, और ना ही किसी ने कोई शिकायत दी थी. लेकिन, किशोरी के चाचा का कहना है कि उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि कुछ माह पहले कोंडागांव जिल के धनोरा थाना क्षेत्र में एक बालिका ने बलात्कार के बाद आत्महत्या कर ली थी. सूचना के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी आज वहां पहुंचे थे.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बालिका के परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी है कि 19 जुलाई को बालिका अपने परिवार के सदस्यों के साथ पास के कानागांव में समारोह में शामिल होने गई थी. उस रात को लगभग 11 बजे गांव के दो लड़के उसे करीब के जंगल में ले गए और वहां पांच अन्य लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया.
घटना के अगले दिन पीड़िता बिना किसी को बताए अपने घर लौट आई थी और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि बालिका के साथ हुई घटना से अंजान परिवार वालों ने बालिका की मृत्यु के बाद दफना दिया था. सुंदरराज ने बताया कि बालिका के साथ बलात्कार की घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और तहसीलदार की उपस्थिति में बालिका के शव को बाहर निकाला गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
इधर लड़की के चाचा ने स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि बालिका के आत्महत्या के बाद गांव के ही दो लड़कों ने बताया था कि उसकी भतीजी के साथ कानागांव में कुछ लोगों ने बलात्कार किया था. बालिका के चाचा ने बताया कि इसके दो दिनों के बाद धनोरा थाना के थानेदार ने उसे पुलिस थाना बुलाया और पूछा कि उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी.

