
मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता और शुद्धता पर विशेष जोर देते हुए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने बुधवार को जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीएलओ-बीएलए-2 की पांचवीं बैठक एवं चुनाव पाठशाला का जायजा लिया और चल रहे कार्यों की बारीकी से समीक्षा की।
दौरे के दौरान उपायुक्त ने बूथ संख्या 411, 412, 222 और 223 का भौतिक निरीक्षण किया। वहीं, आस्था स्पेस टाउन स्थित बूथ संख्या 276 पर पहुंचकर उन्होंने स्वयं विभिन्न प्रपत्रों की सुपर चेकिंग की। प्रशासनिक मुस्तैदी से यह स्पष्ट हो गया है कि आगामी चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से न छूटे।
मतदाता सूची पुनरीक्षण और होम टू रोल वेरिफिकेशन की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने होम टू रोल वेरिफिकेशन, मतदाता विवरण के मिलान और दस्तावेजों की गहन जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बीएलओ और राजनीतिक दलों के बूथ एजेंट आपसी समन्वय बनाकर काम करें। पुनरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में हर एक नागरिक की सटीक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल रहना चाहिए। इसके साथ ही, सूची में मौजूद दोहराव और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि डेटाबेस पूरी तरह साफ सुथरा रहे।
बूथ स्तर पर चुनाव पाठशाला और बीएलओ-बीएलए बैठक का आयोजन
मतदाताओं को जागरूक करने और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बूथ स्तर पर चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त राजीव रंजन ने इन पाठशालाओं के माध्यम से हो रहे कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय मतदाताओं और बूथ लेवल ऑफिसर्स से संवाद स्थापित किया तथा उन्हें नियमों की जानकारी दी।
प्रशासन की यह पहल मतदाता सूची को अद्यतन करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे इस पवित्र कार्य में अपना पूर्ण सहयोग दें। त्रुटिहीन सूची के निर्माण से चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और सुगम बनती है, जिस पर जिला निर्वाचन कार्यालय का पूरा फोकस बना हुआ है।

