
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को केंद्रीय सहायता में शामिल करने की मांग को लेकर सांसद विद्युत वरण महतो ने बड़ा कदम उठाया है। जमशेदपुर में आयोजित कार्यक्रमों के बीच उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सचिव अर्चना वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत इस महत्वपूर्ण कृषि योजना को केंद्रीय सहायता में शामिल करने की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पटमदा-बोड़ाम (12 हजार हेक्टेयर) और निमडीह-कुकड़ू (9500 हेक्टेयर) योजनाओं के साथ राज्य सरकार को समान व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए ताकि किसी भी क्षेत्र के साथ अन्याय न हो।
पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना पर चर्चा
सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय सचिव को अवगत कराया कि 19 दिसंबर 2025 को केंद्रीय जल आयोग की स्क्रीनिंग कमेटी ने दोनों योजनाओं का मूल्यांकन कर लिया था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने 27 अक्टूबर 2026 को 600 करोड़ रुपये की निमडीह-कुकड़ू योजना को अपनी स्वीकृति दे दी, जबकि पटमदा-बोड़ाम योजना को अब तक लंबित रखा गया है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की दोहरी नीति करार दिया और कहा कि इस सौतेले व्यवहार के कारण क्षेत्र के लाखों आदिवासी किसान खुद को बेहद उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
महato ने आगे बताया कि पटमदा और बोड़ाम एक विशुद्ध कृषि प्रधान आदिवासी क्षेत्र है, जहां के मेहनतकश किसान पूरी तरह से वर्षा आधारित पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने को विवश हैं। जबकि इसके पास में ही चांडिल जलाशय स्थित है जिसमें प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध है, लेकिन नहर और लिफ्ट सिंचाई की उचित व्यवस्था न होने के कारण पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2017 के बाद से झारखंड राज्य को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत एक रुपये की भी केंद्रीय सहायता नहीं मिल पाई है, जो चिंता का विषय है।
केंद्रीय सहायता और किसानों की आजीविका
बैठक के दौरान सांसद ने केंद्रीय सचिव से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार के साथ तत्काल उच्चस्तरीय वार्ता करें। उन्होंने मांग की कि दोनों योजनाओं को एक साथ प्रशासनिक स्वीकृति दी जाए और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत पर्याप्त केंद्रीय वित्तीय सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। ऐसा होने से क्षेत्र के गरीब आदिवासी किसानों को आधुनिक सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी और उनकी ग्रामीण आजीविका को मजबूती प्राप्त होगी।
- प्रमुख मांग: पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को केंद्रीय सहायता दिलाना।
- प्रमुख व्यक्तित्व: सांसद विद्युत वरण महतो और केंद्रीय सचिव अर्चना वर्मा।
- क्षेत्रीय लाभ: जमशेदपुर के पटमदा, बोड़ाम, निमडीह और कुकड़ू के लाखों किसानों को सिंचाई लाभ।
- जल संसाधन: चांडिल जलाशय के पानी का सदुपयोग करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना को जल्द ही मंजूरी मिल जाती है, तो झारखंड के इस सुदूर इलाके में कृषि की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। किसानों को सूखे की मार से मुक्ति मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधि और किसान लगातार इस दिशा में ठोस पहल की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

