

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरायकेला एसपी सख्त
*सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी पर कानूनी नियमों के पालन का निर्देश, थानों में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी अनिवार्य, लापरवाही पर थाना प्रभारियों की तय होगी जवाबदेही*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने थानों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने सभी थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को महिला फरियादियों तथा महिला आरोपियों के साथ व्यवहार और कानूनी प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
निर्देश के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में किसी महिला को सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। किसी असाधारण परिस्थिति में ऐसा करना आवश्यक होने पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व लिखित अनुमति लेनी होगी। गिरफ्तारी की कार्रवाई महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ही की जाएगी। यह प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में पहले से निर्धारित है, जिसके अनुपालन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा गया है।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी महिला को पुलिस थाने में रखने या उसकी पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी अनिवार्य होगी। महिला फरियादी हो या आरोपी, उसकी सुरक्षा, निजता और सम्मान का ध्यान रखना संबंधित पुलिस पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। शिकायत दर्ज करने और जांच के दौरान भी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि गम्हरिया थाना परिसर में 29-30 अक्टूबर की रात एक महिला के साथ वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर दुष्कर्म का आरोप लगा था। मामले में आरोपी सहित तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि लापरवाही के आरोप में कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। घटना की जांच एसआईटी कर रही है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा से जुड़े निर्देशों की अनदेखी या दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

