चांडिल बांध पुनर्वास में 13 करोड़ की कथित गड़बड़ी की जांच शुरू
राष्ट्र संवाद संवाददाता, चांडिल
सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के चांडिल बांध पुनर्वास में 13 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अनियमितता की जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि आरएल-180 मीटर से ऊपर के 10 गांवों के वास्तविक विस्थापितों के नाम पर मिलने वाली पुनर्वास राशि दूसरे गांवों के अपात्र लोगों को भुगतान कर दी गई।
मामले की जांच के लिए जल संसाधन विभाग की अपर सचिव आर. रॉनिटा की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को चांडिल डैम आईबी कॉलोनी, घोड़ानेगी में विस्थापित संगठनों के प्रतिनिधियों से पूछताछ कर उनका पक्ष सुना।
बैठक में संगठनों ने 13 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रभावित गांवों में विकास कार्यों के लिए आरएल की बाध्यता समाप्त करने और गांववार विकास पुस्तिका तैयार करने का आग्रह किया।
विस्थापितों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, पुनर्वास स्थलों पर जमीन का पट्टा तथा सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। रसुनिया, दुलमी और पातकुम क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं और विस्थापितों के लिए व्यवस्थित बाजार विकसित करने का मुद्दा भी रखा गया।
जांच के दौरान विस्थापित अधिकार मंच, विस्थापित मुक्ति वाहिनी और 116 गांव युवा विस्थापित संगठन के प्रतिनिधि मौजूद थे। समिति के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत नहीं की।

