वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं और यह ऊर्जा युद्धविराम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि दोनों पक्ष इस पर सहमत हैं और उन्हें इसका उल्लंघन नहीं करना चाहिए. हालांकि, उन्होंने इस समझौते की अवधि, शर्तों और इसकी निगरानी से जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी.
ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की पहल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यदि रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकता है, तो यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले बंद करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि तनाव कम करने के किसी भी प्रयास में दोनों पक्षों की भागीदारी जरूरी है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने को लेकर तनाव बना हुआ है. ट्रंप के ताजा दावे पर दोनों देशों की ओर से समझौते की विस्तृत शर्तों की पुष्टि सामने आना महत्वपूर्ण होगा.
ट्रंप और जेलेंस्की के बीच बढ़ा था तनाव
ऊर्जा युद्धविराम का दावा ऐसे समय आया है, जब ट्रंप और जेलेंस्की के बीच यूक्रेन युद्ध और चुनावों को लेकर मतभेद सामने आए हैं. ट्रंप ने शनिवार को रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों की आलोचना की थी. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से डीजल की कीमतों पर असर पड़ा है और जेलेंस्की को युद्ध समाप्त करने में सक्षम नेतृत्व के लिए रास्ता देना चाहिए. इससे पहले ट्रंप ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतें कम करने के उद्देश्य से रूसी डीजल पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की थी.
60 दिन के युद्धविराम पर चुनाव कराने को तैयार जेलेंस्की
जेलेंस्की ने एबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि यूक्रेन में नेतृत्व चुनने का अधिकार वहां की जनता के पास है. उन्होंने कहा कि यदि रूस 60 दिनों का पूर्ण युद्धविराम स्वीकार कर ले, तो यूक्रेन चुनाव कराने के लिए तैयार है. रूस के फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से यूक्रेन में राष्ट्रीय चुनाव नहीं हुए हैं. जेलेंस्की ने कहा कि चुनाव कराने के लिए सुरक्षा और युद्धविराम की उचित परिस्थितियां जरूरी हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि ट्रंप के ऊर्जा युद्धविराम संबंधी दावे को रूस और यूक्रेन की ओर से किस तरह स्पष्ट किया जाता है और क्या इससे दोनों देशों के बीच व्यापक शांति वार्ता का रास्ता खुल सकता है.

