चंडीगढ़. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में पदभार संभालते हुए पंजाब के लोगों के हकों, सम्मान और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया. भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम में उत्साह बनाए रखा. पार्टी नेताओं ने इसे संगठन की एकजुटता और आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया.
पंजाब कांग्रेस प्रभारी एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने परगट सिंह को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी. इससे पहले परगट सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस भवन में पार्टी का ध्वज फहराया.
अपने संबोधन की शुरुआत परगट सिंह ने पंजाब बसदा गुरां दे नां ते से की. नवरात्रों की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि गुरुओं ने हमें सरबत के भले का संदेश दिया है. यही संदेश पंजाब की राजनीति और समाज का आधार होना चाहिए. परगट सिंह ने कहा कि प्रदेश की असली ताकत यहां के आम लोग हैं—वे किसान, जो देश का पेट भरते हैं; वे युवा, जो अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं; वे व्यापारी और कारोबारी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं; और वे परिवार, जो सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन की उम्मीद रखते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जिम्मेदारी केवल चुनाव लडऩा नहीं, बल्कि लोगों की आवाज बनना और उनके हकों के लिए मजबूती से खड़े होना है.
पंजाब के लोग नफरत नहीं, सम्मान और इंसाफ चाहते हैं
मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस की टीम की चिंता करने के बजाय सरकार को पंजाब के लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम है. सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जैसे नेताओं के अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी मिलकर पंजाब के हितों की लड़ाई लड़ेगी.
किसान आंदोलन ने दिखाया जनता की एकता का रास्ता
किसानों के संघर्ष का उल्लेख करते हुए परगट सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन ने पूरे देश को यह संदेश दिया कि जब लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होते हैं, तो उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राजनीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है.
सचिन पायलट बोले—कांग्रेस का लक्ष्य पंजाब के लोगों का विश्वास जीतना
पंजाब कांग्रेस प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने परगट सिंह को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि उन्हें एक अनुभवी और मजबूत टीम के साथ काम करने का अवसर मिला है. खेल का उदाहरण देते हुए पायलट ने कहा कि एक अच्छे कप्तान के लिए मजबूत टीम बेहद जरूरी होती है. परगट सिंह के पास पंजाब कांग्रेस के अनुभवी नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं की टीम है, जो मिलकर पार्टी को आगे ले जा सकती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल राजनीतिक सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का दिल जीतना और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना है.
बाजवा बोले—पंजाब को सुरक्षित भविष्य देना जरूरी
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब के लोग सुरक्षित माहौल, बेहतर कानून-व्यवस्था और अपने बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैंगस्टरवाद और विभिन्न माफिया गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का समय आ गया है. पंजाब के युवाओं को ऐसे अवसर मिलने चाहिए, जिनसे वे अपराध की राह पर जाने के बजाय शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से अपना भविष्य बना सकें. उन्होंने पंजाब में कथित तौर पर 20 लाख वोट कटने के मुद्दे पर चिंता जताई और मंडियों में किसानों की फसल खरीद से जुड़ी समस्याओं को हल करने की मांग की.
वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी सूरज सिंह ठाकुर, रविंद्र दलवी और हीना कांवरे; विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा; पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजिंदर कौर भ_ल; सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमरिंदर सिंह राजा वडि़ंग, अमर सिंह, मनीष तिवारी और धर्मवीर गांधी; पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शमशेर सिंह दूल्लो; पूर्व मंत्री विजय इंद्र सिंगला, भारत भूषण आशु, संगत सिंह गिल्जियां, ब्रह्म महिंद्रा, रजिया सुल्ताना, डॉ. राज कुमार वेरका और सुंदर शाम अरोड़ा; कोषाध्यक्ष अमित विज; विधायक राणा गुरजीत सिंह, सुखपाल सिंह खैहरा, बलविंदर सिंह धालीवाल, कुलदीप सिंह काला ढिल्लों, सुखविंदर सिंह कोटली, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, बावा हैनरी, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, हरदेव सिंह लाडी, बिक्रम चौधरी और बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे.

