नई दिल्ली. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव मंगलवार को और बढ़ सकता है. विपक्षी दलों के नेता और सांसद आज सुबह संसद भवन से राष्ट्रीय राजधानी स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे. विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में गड़बडिय़ां हुई हैं और वह मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है.
यह मार्च मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष के लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा है. इंडिया गठबंधन में शामिल कई दलों के नेताओं और सांसदों के मार्च में शामिल होने की उम्मीद है. विपक्षी दल चुनाव आयोग से मतदाता सूची से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं.
मकर द्वार पर जुटेंगे सांसद
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने 5 अक्टूबर को बताया था कि इंडिया गठबंधन के तय कार्यक्रम के तहत सभी विपक्षी दलों के सांसद मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकालेंगे. उन्होंने कहा था कि यह मार्च कथित वोट चोरी और ष्टश्वष्ट ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर किया जाएगा. रमेश के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों और प्रभारियों की करीब दो घंटे तक बैठक हुई. विपक्षी सांसदों सेे मकर द्वार पर एकत्र होने के लिए कहा गया है. इसके बाद सुबह 11 बजे संसद भवन से चुनाव आयोग तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा.
25 नवंबर तक चलेगा विपक्ष का अभियान
जयराम रमेश ने बताया कि 8 अक्टूबर तक इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं करेंगी. इस दौरान प्रदर्शन और बैठकें भी आयोजित की जाएंगी. इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी. उन्होंने कहा कि 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य और जिला स्तर पर तथा गांवों में चौपालों के जरिए वोट बचाओ, देश बचाओ रैलियां आयोजित की जाएंगी. इस अभियान के दौरान विपक्ष उन करीब 13.5 करोड़ मतदाताओं से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश करेगा, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं होने का दावा किया जा रहा है.
चुनाव आयोग के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अलग-अलग संगठनों की ओर से प्रदर्शन के आह्वान के बाद शुक्रवार से ही नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है. यह विरोध प्रदर्शन 30 सितंबर को 19 विपक्षी दलों की बैठक के बाद घोषित किया गया था.
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं. विपक्ष ने प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए इसे लेकर पारदर्शिता की मांग की है. हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने तीन सदस्यीय निकाय में मतभेद होने के आरोपों को खारिज किया है. आयोग का कहना है कि स्ढ्ढक्र से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं. विपक्ष के इस मार्च के साथ मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर सरकार, विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक टकराव के और तेज होने के आसार हैं.

