लेखक: मनीषा शर्मा
सत्रनगरी माजुली में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में जामुगुरीहाट के युवा पत्रकार चंदन शर्मा को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित नवजागरण समाज संगठक सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। यह सम्मान साहित्य जगत की सुप्रसिद्ध संस्था ‘नवजागरण साहित्य और संस्कृति मंच, असम’ द्वारा प्रदान किया जाता है।
नवजागरण समाज संगठक सम्मान 2026: चंदन शर्मा का चयन
साहित्य जगत की एक सुप्रसिद्ध संस्था ‘नवजागरण साहित्य और संस्कृति मंच, असम’ के छठे वार्षिक अधिवेशन का भव्य आयोजन इस बार सत्रनगरी माजुली के बंशी गोपाल नाट्य मंदिर, गढ़मूर सत्र के पवित्र मंच पर करने की व्यापक तैयारियाँ चल रही हैं। इस कार्यक्रम में शोणितपुर जिले के जामुगुरीहाट के युवा पत्रकार चंदन शर्मा को वर्ष 2026 के ‘नवजागरण समाज संगठक सम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
युवा पत्रकार चंदन शर्मा असमी समाचार पत्र ‘जर्नलिस्ट वार्ता’, ‘असम प्रवाह’, अंग्रेजी समाचार पत्र ‘द असम ज्योति’ के साथ-साथ कई डिजिटल चैनलों से जुड़कर समाचारों के माध्यम से जनता तक सकारात्मक संदेश पहुँचाने में सफल रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिवसागर के बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर राहत सामग्री भी वितरित की है तथा प्रकृति प्रेमी के रूप में कई बेजुबान पशु-पक्षियों को संकट से बचाया है। साथ ही, मोबाइल फोटोग्राफी में ‘असम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज कराकर विशेष चर्चा हासिल करने के लिए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है।
चंदन शर्मा की पत्रकारिता यात्रा और सामाजिक योगदान
चंदन शर्मा ने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत स्थानीय स्तर से की और धीरे-धीरे वे असम के प्रमुख समाचार पत्रों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़ गए। उनकी रिपोर्टिंग में ग्रामीण असम की आवाज़ बखूबी सुनाई देती है। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने न केवल खबरें दीं, बल्कि राहत सामग्री वितरित कर मानवता की मिसाल कायम की। वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनका जुनून उन्हें एक सच्चा प्रकृति प्रेमी बनाता है। मोबाइल फोटोग्राफी में उनकी असाधारण प्रतिभा ने उन्हें ‘असम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान दिलाया, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।
माजुली में आयोजन का सांस्कृतिक महत्व
माजुली, जिसे विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप माना जाता है, असम की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विख्यात है। यहां के सत्र (मठ) वैष्णव संस्कृति के केंद्र हैं। बंशी गोपाल नाट्य मंदिर, गढ़मूर सत्र का पवित्र मंच इस आयोजन के लिए आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करता है। यह आयोजन असम की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करेगा। माजुली की अनूठी भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान इस समारोह को और भी विशिष्ट बनाती है।
नवजागरण साहित्य और संस्कृति मंच का योगदान
‘नवजागरण साहित्य और संस्कृति मंच, असम’ लंबे समय से साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। इसका वार्षिक अधिवेशन साहित्यकारों, पत्रकारों और समाजसेवियों को एक मंच पर लाता है। यह मंच नवोदित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थापित रचनाकारों को सम्मानित करने का कार्य करता है। छठा अधिवेशन इस परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। मंच की गतिविधियों ने असम के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भविष्य की योजनाएं और प्रेरणा
चंदन शर्मा ने इस सम्मान को अपनी जिम्मेदारी की नई शुरुआत बताया है। वे भविष्य में ग्रामीण पत्रकारिता को मजबूत करने, पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त करते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज में परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है।
चंदन शर्मा को दिया जाने वाला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को पत्रकारिता के साथ समाजसेवा से जुड़ने की प्रेरणा भी देगा। नवजागरण समाज संगठक सम्मान 2026 का यह आयोजन असम के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक अविस्मरणीय हिस्सा बनेगा।

