
छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए उतरेगी एसडीआरएफ, असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर। बेगूसराय राष्ट्र संवाद ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी छठ महापर्व के दौरान गंगा और बलान नदी के तटों पर जुटने वाली भारी भीड़ की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बन गया है। इस वर्ष महापर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। खतरनाक घाटों को चिह्नित किया गया है जहाँ विशेष बचाव दल तैनात रहेंगे।
लेखक: बेगूसराय राष्ट्र संवाद ब्यूरो
छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
प्रशासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, गंगा-बलान के खतरनाक घाटों पर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय बचाव दल और एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों को भी मुस्तैद रखा जाएगा। पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है। एसडीओ नीरज सिंह की अध्यक्षता में अटल कलम भवन सभागार में आयोजित अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक में इन सुरक्षा पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि छठ, दीपावली और काली पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना हर हाल में अनिवार्य है। एसडीपीओ कृष्ण कुमार ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पर्व के दौरान अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे।
डीजे और अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रशासन ने पूजा के दौरान अनुचित गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैठक में यह निर्देश दिया गया है कि पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थलों पर डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, अश्लील गीतों और नृत्य कार्यक्रमों को पूरी तरह वर्जित माना जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल शांति बनी रहेगी बल्कि धार्मिक मर्यादा का भी पालन होगा।
पटाखा दुकानों के संबंध में भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। बिना लाइसेंस वाली पटाखे की दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा के अन्य आवश्यक इंतजाम होना अनिवार्य है। नगर निकाय को निर्देश दिया गया है कि वे घाटों तक जाने वाली संपर्क सड़कों की सफाई और वहां रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था समय से पूरा कर लें।
बैठक में शामिल अधिकारी और सदस्य
बैठक में चारों प्रखंडों के अधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया। घाटों पर बढ़ते जलस्तर, विशेषकर ईश्वर घाट और बलान नदी के गहरे क्षेत्रों को लेकर चिंता व्यक्त की गई और विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुमंडल अवर निर्वाचन पदाधिकारी ओणम कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी रजनीश कुमार, अंचलाधिकारी दीपक कुमार, और बीपीआरओ संगीता कुमारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। पुलिस प्रशासन की ओर से तेघड़ा थाना सब इंस्पेक्टर राजीव कुमार ठाकुर ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर अपने विचार रखे। अंत में, सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे पर्व के दौरान दिन-रात गश्ती बढ़ाएं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपना महापर्व संपन्न कर सकें।

