शनिवार को नागापोखर में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर पश्चिमी पंचायत को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 17 वर्षीय बालक प्रवीण कुमार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे तैरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। बेगूसराय के इस इलाके में हुए हादसे ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
नागापोखर में नाव पलटने का पूरा घटनाक्रम
खोदावंदपुर/बेगूसराय। बरियारपुर पश्चिमी पंचायत स्थित नागापोखर में शनिवार को नाव से घूमने के दौरान हुए हादसे में 17 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गयी. मृतक की पहचान मटकोरा टोला स्थित वार्ड- 11 निवासी लाल बाबू महतो के पुत्र प्रवीण कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. मां कविता देवी, वृद्ध दादी पनमा देवी, भाई गोलू कुमार एवं बहन लक्ष्मी कुमारी के करुण क्रंदन से गांव का माहौल गमगीन हो गया.
श्री चंद्राचार्य जयंती के अवसर पर नागाधाम तारा बरियारपुर परिसर में भव्य आयोजन चल रहा था। इस उत्सव में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रवीण भी अपने साथियों के साथ मेला देखने आया था और इसी दौरान यह हादसा हुआ।
नाव में पांच बच्चे थे सवार:-
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रवीण अपने चार साथियों के साथ नागा पोखर में लगी एक नाव पर सवार होकर घूम रहा था. पोखर के बीच गहरे पानी में पहुंचने के बाद दो बच्चे नहाने के उद्देश्य से नाव से कूद गये. इससे नाव डगमगाने लगी. इसके बाद नाव पर सवार तीन अन्य बच्चे भी पानी में कूद पड़े. इनमें से दो बच्चे तैरकर सुरक्षित किनारे पहुंच गये, जबकि प्रवीण गहरे पानी में डूब गया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाव पर क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे और किसी ने भी जीवन रक्षक जैकेट नहीं पहन रखी थी। पोखर की गहराई का अंदाजा न होने के कारण यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने बेहोशी की हालत में पानी से निकाला:-
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद प्रवीण को पोखर से बेहोशी की हालत में बाहर निकाला. उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावंदपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को निकाला जा सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बालक की मृत्यु हो चुकी थी।

उत्सव का माहौल मातम में बदला:-
बताया जाता है कि घटनास्थल के समीप नागाधाम तारा बरियारपुर परिसर में श्री चंद्राचार्य जयंती का आयोजन चल रहा था. जयंती को लेकर परिसर में उत्सव का माहौल था और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में जुटे थे. प्रवीण भी अपने साथियों के साथ कार्यक्रम देखने आया था. इसी दौरान बच्चे पोखर में लगी नाव लेकर घूमने चले गये और यह हादसा हो गया. घटना के बाद जयंती समारोह का उत्सवी माहौल मातम में बदल गया.
आयोजन समिति ने तत्काल सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा:-
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे अपर थानाध्यक्ष किशन कुमार एवं एसआई अख्तर हुसैन ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया. घटना के बाद नागाधाम में आयोजित श्री चंद्राचार्य जयंती के सभी कार्यक्रम तत्काल स्थगित कर दिये गये.
पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाव संचालक की तलाश जारी है।
मृतक प्रवीण तीन भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर था. परिजनों के अनुसार, उसके माता-पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
प्रवीण के पिता लाल बाबू महतो दिहाड़ी मजदूर हैं और मां कविता देवी भी खेतों में काम करती हैं। इस हादसे ने परिवार के कमाऊ पूत को छीन लिया, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है।
इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों में सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है। स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसे पोखरों में नावों के संचालन पर सख्त नियम लागू किए जाएं और जीवन रक्षक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागापोखर में नाव पलटने की इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

