Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बाढ़ राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग
    Headlines खबरें राज्य से पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर समस्तीपुर

    बाढ़ राहत सामग्री वितरण में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 16, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    बाढ़ राहत सामग्री वितरण
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो

    बेगूसराय जिले के तेघड़ा नगर परिषद क्षेत्र में बाढ़ राहत सामग्री वितरण को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप सामने आया है। बाढ़ प्रभावित गरीब परिवारों तक पहुंचने वाली सरकारी सहायता में कथित गड़बड़ी ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के वाणिज्य प्रकोष्ठ ने इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    बाढ़ राहत सामग्री वितरण में गड़बड़ी के आरोप

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्र तेघड़ा नगर परिषद के वार्ड संख्या-26 में पन्नी (तिरपाल) वितरण में कथित अनियमितता को लेकर भारतीय जनता पार्टी वाणिज्य प्रकोष्ठ, बेगूसराय के जिला संयोजक भूपेश कुमार ने अंचलाधिकारी, तेघड़ा को आवेदन देकर मामले की जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की है।

    आवेदन में कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच वितरण के लिए करीब 200 पीस पन्नी (तिरपाल) उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अनुमान के अनुसार लगभग 130–140 पीस ही बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच वितरित किए जाने की जानकारी है। आवेदन में शेष पन्नी के वितरण एवं उपलब्ध कराई गई सूची को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

    आवेदन में आरोप लगाया गया है कि राजस्व कर्मचारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में कथित रूप से कुछ गड़बड़ियां हैं तथा सूची में दर्ज सभी लोगों तक पन्नी उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही 30–40 ऐसे लोगों को भी पन्नी दिए जाने का आरोप लगाया गया है, जो वार्ड संख्या-26 के निवासी नहीं हैं।

    भूपेश कुमार ने अंचलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अनियमितता में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने तथा पात्र बाढ़ प्रभावित लोगों तक सरकारी राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा, स्थानीय विधायक एवं जिलाधिकारी बेगूसराय को भी दी गई है।

    प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत

    बिहार के बेगूसराय जिले में हर वर्ष बाढ़ का प्रकोप देखने को मिलता है, जिससे हजारों परिवार विस्थापित होते हैं और उन्हें सरकारी राहत सामग्री पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे संवेदनशील समय में राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता न होना न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि पीड़ित मानवता के साथ विश्वासघात भी है। तेघड़ा अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले इस वार्ड में हुए कथित घोटाले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र कितना कमजोर है।

    स्थानीय सूत्रों की मानें तो बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान अक्सर राजनीतिक दबाव और स्थानीय दबंगों की मनमानी चलती है, जिसके चलते वास्तविक जरूरतमंद परिवार वंचित रह जाते हैं। भाजपा नेता द्वारा दिए गए आवेदन में राजस्व कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाना इस बात का संकेत है कि भ्रष्टाचार की जड़ें निचले स्तर तक फैली हुई हैं। जिलाधिकारी बेगूसराय को इस मामले का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ितों को उनका हक मिले। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग को भी ऐसे मामलों में सख्त दिशानिर्देश जारी करने चाहिए। अधिक जानकारी के लिए आप NDTV की रिपोर्ट देख सकते हैं।

    इस घटना के बाद स्थानीय जनता में आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर जांच नहीं हुई तो साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। अनुमंडल पदाधिकारी तेघड़ा और अंचलाधिकारी को चाहिए कि वे अविलंब एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करें जिसमें जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जाए। केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा, धरातल पर जाकर पीड़ित परिवारों का बयान दर्ज करना होगा। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगा।

    अनियमितता तेघड़ा बाढ़ राहत बेगूसराय
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने मिशन शक्ति योजना अंतर्गत वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया
    Next Article ओजोन परत की सुरक्षा से ही सुरक्षित रहेगा भविष्य

    Related Posts

    आज एक घंटे चलेगा ‘#DownloadECINet’ अभियान, युवाओं से भागीदारी की अपील

    November 4, 2026

    मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए टू की पांचवीं बैठक, चुनावी पाठशाला भी आयोजित

    November 4, 2026

    गुरुचरण महतो ‘अपवाद’ को मिलेगा मुंशी प्रेमचंद ग्लोबल समर्पण समाज गौरव अवार्ड

    November 4, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    1xbet Download App Guide: Install, Register & Play Safely

    Comment installer 1xBet sur Android : ce qu’il faut savoir

    Base APK 1xBet : aperçu et options

    आज एक घंटे चलेगा ‘#DownloadECINet’ अभियान, युवाओं से भागीदारी की अपील

    मतदान केंद्रों पर बीएलओ-बीएलए टू की पांचवीं बैठक, चुनावी पाठशाला भी आयोजित

    गुरुचरण महतो ‘अपवाद’ को मिलेगा मुंशी प्रेमचंद ग्लोबल समर्पण समाज गौरव अवार्ड

    पुश्तैनी जमीन से सात पुराने पेड़ काटकर ले जाने का आरोप, जांच की मांग

    संथाली को झारखंड की प्रथम राजभाषा का दर्जा देने की मांग राज्यपाल तक पहुंची

    कालिया दमन अहंकार के नाश का प्रतीक : आलोक कृष्ण शास्त्री

    *प्रेम विवाह के तीन साल बाद आदित्यपुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.