मंसूरचक, बेगूसराय: बुधवार को प्रखंड सभागार में आयोजित पंचायत समिति की बैठक स्थगित कर दी गई क्योंकि कई प्रमुख अधिकारी अनुपस्थित रहे। इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पंचायत समिति की बैठक स्थगित: पूरा घटनाक्रम
प्रखंड सभागार में बुधवार को पूर्व से घोषित तिथि 16 सितंबर को पंचायत समिति की बैठक आयोजित किया गया बैठक प्रखंड प्रमुख जलस देवी की अध्यक्षता में स्थानीय विधायक सुरेंद्र मेहता भी उपस्थित हुए और सदन में उपस्थित सदस्यों ने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हिमांशु कुमार, कल्याण पदाधिकारी अशोक कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी विनय कुमार,सीओ नेहा कुमारी के अनुपस्थित रहने के कारण सभी सदस्यों ने बैठक स्थगित करने का मामला उठाया
वहीं विधायक सुरेंद्र मेहता ने बैठक में उपस्थित नहीं होने वाले सभी अधिकारियों को कारण बताओ स्पष्टीकरण मांगते हुए वैसे अधिकारी का वेतन काटने का प्रस्ताव रखा।
बीडीओ रागिनी ने बताया कि बैठक की सुचना सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दिया गया था जिसमें सीओ अवकाश पर हैं।
वहीं समसा दो मुखिया इजहार अंसारी,साठा मुखिया नासरीन प्रवीण, मंसूरचक मुखिया यास्मीन खातुन, पंचायत समिति सदस्य रौशन लाल,उषा देवी, पार्वती देवी भी उपस्थित नहीं थे जिसके कारण बैठक शुरू होने से पहले ही स्थगित कर दिया गया है।
बैठक में पहुंचने वाले में उप प्रमुख रंजीत कुमार सिंह,मुखिया धर्मवीर सिंह कुंदन, दिनेश कुमार राय, राममूर्ति चौधरी, राजीव कुमार पासवान, हीरा कुमारी,, समिति चंद्रहास सिंह, अधिकारियों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किरण मंडल, परियोजना प्रबंधक संतोष कुमार राय, विद्युत कनिय अभियंता हर्ष कुमार मौर्य,, स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ सुमन, प्रखंड नाजिर अमित कुमार झा सहित अन्य उपस्थित थे
विधायक सुरेंद्र मेहता का कड़ा रुख
स्थानीय विधायक सुरेंद्र मेहता ने अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों के लिए बुलाई गई बैठक में अधिकारियों का अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने न केवल कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की, बल्कि अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन काटने का प्रस्ताव भी सदन में रखा। इस प्रस्ताव का उपस्थित सदस्यों ने समर्थन किया।
बीडीओ ने दी सफाई
बीडीओ रागिनी ने बैठक की सूचना सभी संबंधित पक्षों को समय पर दिए जाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीओ नेहा कुमारी अवकाश पर थीं, लेकिन अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारणों की जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषी अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी भी बनी चर्चा का विषय
अधिकारियों के साथ-साथ कई निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी बैठक से नदारद रहे। समसा दो मुखिया इजहार अंसारी, साठा मुखिया नासरीन प्रवीण, मंसूरचक मुखिया यास्मीन खातुन समेत पंचायत समिति सदस्य रौशन लाल, उषा देवी, पार्वती देवी की अनुपस्थिति ने भी सवाल खड़े किए। सदन का कोरम पूरा न होने के कारण अंततः बैठक प्रारंभ होने से पूर्व ही स्थगित करनी पड़ी।
उपस्थित सदस्यों ने उठाई आवाज
बैठक में उप प्रमुख रंजीत कुमार सिंह, मुखिया धर्मवीर सिंह कुंदन, दिनेश कुमार राय, राममूर्ति चौधरी, राजीव कुमार पासवान, हीरा कुमारी, चंद्रहास सिंह समेत कई सदस्य उपस्थित थे। अधिकारियों की ओर से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किरण मंडल, परियोजना प्रबंधक संतोष कुमार राय, विद्युत कनिय अभियंता हर्ष कुमार मौर्य, स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ सुमन, प्रखंड नाजिर अमित कुमार झा ने उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि विकास योजनाओं की समीक्षा के लिए अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
पंचायती राज व्यवस्था पर असर
इस तरह बैठकों का स्थगित होना ग्रामीण विकास की गति को बाधित करता है। बिहार पंचायती राज विभाग के नियमानुसार पंचायत समिति की बैठक नियमित अंतराल पर होना अनिवार्य है। अधिकारियों की अनुपस्थिति योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी का प्रमुख कारण बनती है।
आगामी रणनीति
अब प्रशासन की ओर से अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर वेतन कटौती समेत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अनुपस्थित जनप्रतिनिधियों को भी चेतावनी दी जा सकती है। अगली बैठक की तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।

