जयंती नदी में डूबने से तीन बच्चों की मौत, चार दोस्त दो साइकिलों से निकले थे घूमने
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गिरिडीह गांडेय प्रखंड के मेढ़ो स्थित जयंती नदी के मुहाने पर मंगलवार की शाम गहरे पानी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांडेय गांधीनगर और आसपास के इलाके में मातम पसर गया। घटना के बाद मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, गांडेय गांधीनगर निवासी चार बच्चे मंगलवार की शाम करीब पांच बजे दो साइकिलों से घूमने की बात कहकर घर से निकले थे। बताया जाता है कि शाम करीब सात बजे कुछ ग्रामीणों की नजर जयंती नदी के दोनों छोर के पास लावारिस हालत में खड़ी एक-एक साइकिल पर पड़ी। साइकिलों के आसपास बच्चों के कपड़े और चप्पल भी पड़े हुए थे। यह देखकर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद घटनास्थल पर देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
नदी का पानी काफी गहरा होने के कारण ग्रामीण तत्काल नदी में उतरकर बच्चों की तलाश करने का साहस नहीं जुटा सके। इसी बीच बच्चों के शाम तक घर नहीं लौटने की जानकारी मिलने पर परिजन भी उनकी तलाश में जुटे थे। नदी किनारे कपड़े और साइकिल मिलने की सूचना जब परिजनों तक पहुंची तो वे आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर पड़े सामान की पहचान बच्चों के परिजनों ने की।
घटना की सूचना मिलते ही गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों को बुलाया गया। रात करीब पौने नौ बजे गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और गहरे पानी में उतरकर बच्चों की तलाश शुरू की। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने नदी से तीन बच्चों के शव बाहर निकाले।
मृतकों की पहचान गांडेय गांधीनगर निवासी अनुप राम के पुत्र अंश (14 वर्ष), विक्की बरनवाल के पुत्र आदित्य बरनवाल (14 वर्ष) तथा कैलाश राम के पुत्र श्रेयांश (12 वर्ष) के रूप में हुई है।
घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई। तीन बच्चों की एक साथ मौत की खबर से पूरे गांधीनगर इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुटे रहे।

