पुलिस पर पथराव मामले में पूर्व मुखिया समेत दो गिरफ्तार, भेजे गए जेल
महिला-पुरुष को बंधक बनाने के विवाद के बाद पुलिस पर हुआ था हमला, पांच वाहन क्षतिग्रस्त कई पुलिसकर्मी हुए थे चोटिल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: टंडवा थाना क्षेत्र के डहु पंचायत अंतर्गत सिदपा गांव में महिला-पुरुष को ग्रामीणों द्वारा कमरे में बंद किए जाने की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर पथराव और उपद्रव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भीड़ को उकसाने और घटना में मुख्य भूमिका निभाने के आरोप में डहु पंचायत के पूर्व मुखिया चुरामन उरांव, पिता स्व. बिरसा उरांव तथा अशोक महतो, पिता लालदेव महतो को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के लिए गठित छापेमारी दल में सबइंस्पेक्टर प्रभात कुमार, अरविंद कुमार समेत रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। सीनियर डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी है। सीनियर डीएसपी ने बताया सिदपा गांव में 8 सितंबर को हुई घटना को लेकर जारी तमाम चर्चाओं और अटकलों पर शुक्रवार को एसडीपीओ प्रभात रंजन ने प्रेसवार्ता कर पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि डहु पंचायत के सिदपा में एक महिला और पुरुष को ग्रामीणों द्वारा कमरे में बंद किए जाने की सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी गौरव कुमार राय तथा थाना प्रभारी पप्पू शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों को समझाने-बुझाने और महिला-पुरुष को मुक्त कराने का प्रयास किया गया। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने भीड़ को कथित रूप से उकसाया और अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव की घटना में थाना प्रभारी पप्पू शर्मा, चतरा सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, सअनि हरिपद महतो, आरक्षी बैजनाथ महतो तथा वाहन चालक गणेश ठाकुर चोटिल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से तीन राउंड हवाई फायरिंग किए जाने की बात भी डीएसपी ने कही। काफी मशक्कत के बाद देर रात पुलिस ने महिला और पुरुष को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। घटना को लेकर दंडाधिकारी सह प्रभारी सीओ गौरव कुमार राय के बयान पर टंडवा थाना में कांड संख्या 207/2026 दर्ज किया गया है। मामले में पूर्व मुखिया समेत 37 नामजद तथा करीब 300 से 400 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अफवाहों से बचें, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
प्रेसवार्ता के दौरान सीनियर डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद कुछ उपद्रवियों के उकसावे पर भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाकर पथराव किया। इस हमले में दो इंस्पेक्टर समेत कई सुरक्षाकर्मी चोटिल हुए और पांच पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए। डीएसपी ने कहा कि घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि से दूर रहने की अपील की। है।

