गंगा ने धारण किया रौद्र रूप, बलिया दियारा के सैकड़ों घरों में घुसा बाढ़ का पानी
24 घंटे में 50-60 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर, 60 हजार से अधिक आबादी प्रभावित; कई गांवों का प्रखंड-अनुमंडल मुख्यालय से संपर्क टूटा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय बलिया। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही तेज वृद्धि ने बलिया प्रखंड के दियारा क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। बुधवार देर शाम से गुरुवार देर शाम तक 24 घंटे में जलस्तर में करीब 50 से 60 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेजी से बढ़ते पानी के कारण गंगा का रौद्र रूप दिखाई देने लगा है और दियारा क्षेत्र की करीब 60 हजार से अधिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है।
भवानंदपुर पंचायत के शिवनगर, साहपुर, मसूदनपुर और भवानंदपुर समेत कई गांवों के सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया है। मध्य विद्यालय शिवनगर के परिसर में चार फीट से अधिक पानी जमा होने से गांव के आगे और पीछे गंगा की धारा बहने लगी है। कई स्थानों पर मवेशियों को रखने की जगह नहीं बची है, जिससे पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण शिवनगर, साहपुर, भवानंदपुर, मीरअलीपुर, ताजपुर, गोखलेनगर, विष्णुपुर, शादीपुर, सहबेकपुर, शैयदपुर, नगरगामा, अशर्फा, नौरंगा, पहाड़पुर, कमालपुर, सोनदीपी, परमानंदपुर, हसनपुर, किशनपुर, कस्बा, हुसैना, लालदियारा, सोनवर्षा और मिर्जापुर समेत कई गांवों की मुख्य सड़कों पर तीन से पांच फीट तक पानी फैल गया है। इससे प्रखंड एवं अनुमंडल मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया है। नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
एसडीओ ने किया दियारा क्षेत्र का निरीक्षण
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशिक्षु आईएएस सह बलिया एसडीओ अजय कुमार यादव ने गुरुवार को नाव और टेम्पो से मीरअलीपुर, मसूदनपुर और साहपुर समेत प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और अगले एक-दो दिनों में स्थिति 2016 की बाढ़ के स्तर के करीब पहुंच सकती है।
एसडीओ ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावितों के लिए चेचियाही ढाला पर रहने, भोजन और रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने लोगों से गंगा में रील बनाने, छलांग लगाने या जोखिम उठाकर स्नान करने से बचने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए तैयार है।

