पटना. बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने वर्ष 2026 में अपने बल्ले से ऐसा तूफान खड़ा किया है, जिसने भारतीय क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी हैं. महज किशोर उम्र में वैभव ने पेशेवर क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों पर लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़े आंकड़े अपने नाम किए हैं. इस वर्ष उनके बल्ले से कुल 2022 रन निकले हैं, जबकि उन्होंने 161 छक्के लगाकर दुनिया के किसी भी खिलाड़ी से ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया है.
वैभव का यह प्रदर्शन केवल एक प्रारूप तक सीमित नहीं रहा. अंडर-19 क्रिकेट, भारत ए, आईपीएल, राजस्थान रॉयल्स और दलीप ट्रॉफी में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रभाव दिखाया. वर्ष 2026 में उन्होंने 41 मैचों की 41 पारियों में 2022 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से तीन शतक और 14 अर्धशतक निकले. चौकों और छक्कों की बात करें तो उन्होंने 179 चौके और 161 छक्के लगाए हैं.
वैभव के लिए 2026 का आईपीएल सत्र विशेष रूप से यादगार रहा. राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए और आईपीएल की ऑरेंज कैप अपने नाम की. इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने. उनके आक्रामक अंदाज ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें भारतीय टी-20 टीम में सीधे जगह मिली.
साल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी वैभव सबसे आगे हैं. उन्होंने अब तक 161 छक्के लगाए हैं. उनके बाद दक्षिण अफ्रीका के रयान रिकेलटन और न्यूजीलैंड के फिन एलन 99-99 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं. ऑस्ट्रेलिया के मिचेल मार्श 95 छक्कों के साथ चौथे और भारत के ईशान किशन 85 छक्कों के साथ पांचवें स्थान पर हैं. इस आंकड़े से वैभव की बल्लेबाजी में मौजूद आक्रामकता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
दलीप ट्रॉफी में भी वैभव की चमक बरकरार रही. बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने 92 रन की तेजतर्रार पारी खेली. उनकी इस पारी में सात चौके और सात छक्के शामिल रहे. इस प्रदर्शन के साथ वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने.
वैभव की बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2026 में उनके आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने औसतन हर 161 सेकंड में एक छक्का और हर 179 सेकंड में एक चौका लगाया. इतने कम समय में लगातार बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता उन्हें मौजूदा युवा बल्लेबाजों की भीड़ से अलग करती है.
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में पदार्पण कर वैभव ने एक और इतिहास रचा. वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हो गए. आईपीएल में उनके विस्फोटक प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में उनका चयन इस बात का संकेत था कि चयनकर्ताओं की नजर अब उनकी प्रतिभा पर पूरी तरह टिक चुकी है.
वैभव के आंकड़ों की तुलना क्रिकेट के कुछ महान बल्लेबाजों से की जा रही है, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती इस शुरुआती सफलता को लंबे करियर में बदलना होगी. इतनी कम उम्र में रिकॉर्ड और सुर्खियां हासिल करना जितना आकर्षक है, उतना ही कठिन लगातार उसी स्तर का प्रदर्शन बनाए रखना भी है. फिलहाल 2026 का उनका प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे युवा सितारे के उभरने की कहानी कह रहा है, जिसके बल्ले की आवाज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक अपनी पहुंच बना ली है.

