
झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान की गरिमामयी उपस्थिति में जमशेदपुर के दो प्रमुख स्थानों पर अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों और उलेमा की अहम बैठकें संपन्न हुईं। इन सभाओं का उद्देश्य सामाजिक एकता, शैक्षिक उत्थान और समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श करना था। बैठक में शहर के गणमान्य मौलाना, मुफ्ती और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संगठन की मजबूती पर बल दिया।
झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान रहे मुख्य अतिथि
आम बागान मैदान सभा मंच पर उपस्थित लोग:-
मुफ्ती ज़ियाउल मुस्तफा क़ादरी,मौलाना शमशाद उल क़ादरी,मौलाना बुरहानूल हुदा, झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान ,मौलाना इंतिखाब मिस्बाही, मौलाना ओवैस रज़ा अजहरी , मुफ्ती अब्दुल अज़ीज़ मिस्बाही,मौलाना कलीमुद्दीन हबीबी, का़री असलम रब्बानी, मुफ्ती इनामुल हक फैजी अल्हाज मुख्तार सफी, अलहाज बिलाल नासिर, ताहिर खान, मौलाना अब्दुल हन्नान चतुर्वेदी, मौलाना इरफान काविश मंजूरी, मुफ्ती अबू हुरैरा मरकजी, माजिद अख्तर उपस्थित थे.
धतकीडीह कम्युनिटी सेंटर में भी दिखा उत्साह
धतकीडीह कम्युनिटी सेंटर उपस्थित लोग:-
मुफ्ती जियाउल मुस्तफा कादरी,झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान , मौलाना बरहानुल हुदा मिस्बाही, मौलाना शमशाद उल कादरी,मौलाना कलीमुद्दीन मुजाहिदी,कारी असलम रब्बानी,मौलाना अब्दुल हन्नान ,शाहिद रज़ा,माजिद अख्तर, धतकीडीह मक्का मस्जिद के इमाम मुफ्ती अबू हुरैरा,उपस्थित थे..

इन दोनों सभाओं में झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान ने अपने संबोधन में कहा कि तंजीम हमेशा से समाज के कमजोर वर्गों की आवाज बुलंद करती रही है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया और कहा कि तालीम ही तरक्की की कुंजी है। साथ ही उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर देते हुए प्रशासनिक सहयोग की अपील की। मुफ्ती ज़ियाउल मुस्तफा क़ादरी और मौलाना शमशाद उल क़ादरी ने भी समाजी बुराइयों को खत्म करने और आपसी भाईचारा कायम रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन मौलाना कलीमुद्दीन हबीबी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन माजिद अख्तर ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अल्हाज मुख्तार सफी, अल्हाज बिलाल नासिर, ताहिर खान समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभा के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सभी सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। मौलाना ओवैस रज़ा अजहरी और मुफ्ती अब्दुल अज़ीज़ मिस्बाही ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव रखे।
उल्लेखनीय है कि तंजीम लंबे समय से झारखंड में अल्पसंख्यक अधिकारों के संरक्षण और शैक्षिक जागरूकता के लिए कार्यरत है। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। हालिया बैठकों को आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तंजीम ग्रामीण स्तर पर भी अपनी पहुंच मजबूत करेगी।


