गाले. भारत ने बारिश से प्रभावित पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली, लेकिन मुकाबले के बाद चर्चा केवल भारतीय टीम की जीत की नहीं रही. विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम के ग्राउंड स्टाफ की मेहनत को याद करते हुए ऐसा संदेश दिया, जिसने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. पंत ने लगातार बारिश के बीच मैदान को खेलने लायक बनाए रखने में जुटे कर्मचारियों के प्रयासों की खुलकर सराहना की.
गाले टेस्ट में मौसम लगातार चुनौती बना रहा. बारिश के कारण दूसरे दिन खेल शुरू होने में लंबा विलंब हुआ, जबकि मैच के दौरान कई बार मैदान को ढकना पड़ा. ऐसी परिस्थितियों में ग्राउंड स्टाफ के लिए हर बार मैदान को दोबारा तैयार करना आसान नहीं था. कवर हटाने, गीली सतह को सुखाने और मैदान से पानी निकालने का काम लगातार चलता रहा. इसके बावजूद मुकाबला पांचवें दिन निर्णायक परिणाम तक पहुंच सका.
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन बनाए. देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली, जबकि केएल राहुल ने 82 रन बनाए. श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई. इसके बाद भारत ने दूसरी पारी में 193 रन बनाकर पारी घोषित की और मेजबान टीम के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा. श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर सिमट गई और भारत ने 165 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया.
भारतीय जीत में गेंदबाजों की भूमिका भी अहम रही. बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने दूसरी पारी में छह विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लेकर अपने प्रदर्शन से खास छाप छोड़ी. कप्तान शुभमन गिल ने भी सुथार की तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक उपयोगी खिलाड़ी बताया.
पंत खुद भी मुकाबले में प्रभावी रहे. उन्होंने दूसरी पारी में 66 रन की तेज पारी खेली और टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.लेकिन मैच खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी उपलब्धि से ज्यादा उन लोगों को याद किया, जिनकी मेहनत अक्सर कैमरों से दूर रहती है.
पंत ने सोशल मीडिया पर ग्राउंड स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ की तस्वीर साझा करते हुए उनकी मेहनत को असाधारण बताया. उन्होंने विशेष रूप से बारिश के बीच मैदान को तैयार रखने के लिए कर्मचारियों का आभार जताया. उनका यह संदेश सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने भी पंत की सराहना शुरू कर दी. कई क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि खिलाड़ियों की तरह मैदान के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका भी किसी टेस्ट मैच को पूरा कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है.
दरअसल, टेस्ट क्रिकेट में मौसम की चुनौती किसी एक टीम के लिए नहीं होती. बारिश का असर दोनों टीमों की रणनीति, गेंदबाजों के कार्यभार और बल्लेबाजों की लय पर पड़ता है. गाले में इस मुकाबले के दौरान भी खेल को कई बार रोकना पड़ा, लेकिन मैदान को जल्दी तैयार करने की कोशिशों ने भारत और श्रीलंका को पूरे पांच दिन मुकाबला करने का अवसर दिया. अंततः भारत को जीत मिली और मैच बारिश की भेंट चढ़ने से बच गया.
पंत की पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि क्रिकेट में अक्सर सुर्खियां रन बनाने वाले बल्लेबाजों और विकेट लेने वाले गेंदबाजों को मिलती हैं. मैदान तैयार करने वाले कर्मचारी, कवर संभालने वाले स्टाफ और पिच को सुरक्षित रखने वाली टीम आमतौर पर पर्दे के पीछे रहती है. गाले में लगातार बदलते मौसम के बीच इन कर्मचारियों की मेहनत ने मैच को बचाए रखने में अहम योगदान दिया.
पहले टेस्ट की जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में बढ़त हासिल कर ली है. अब दोनों टीमों की नजर दूसरे और अंतिम टेस्ट पर है, जो 23 अगस्त से कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा. भारत जहां सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगा, वहीं श्रीलंका वापसी की कोशिश करेगा.
गाले में भारत की जीत के बाद पंत का संदेश इस बात की याद दिलाता है कि क्रिकेट सिर्फ मैदान पर दिखाई देने वाले 22 खिलाड़ियों का खेल नहीं है. बारिश के बीच हर बार मैदान को दोबारा तैयार करने वाले कर्मचारी भी उस मुकाबले का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. पंत ने अपनी जीत के बीच इन्हीं गुमनाम नायकों को श्रेय देकर प्रशंसकों का ध्यान उनकी मेहनत की ओर खींच दिया.

