लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
\n
KPS कदमा ने यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क (UNESCO ASPnet) में सदस्यता प्राप्त करके झारखंड के शैक्षिक परिदृश्य में एक नया अध्याय लिखा है। यह उपलब्धि न केवल स्कूल के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है।
\n
KPS कदमा: यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क में ऐतिहासिक सदस्यता
\n
कदमा स्थित केरल पब्लिक स्कूल (KPS) को यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क (UNESCO ASPnet) में शामिल किया गया है। इसके साथ ही KPS कदमा झारखंड का पहला स्कूल बन गया है, जिसे इस वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क का सदस्य बनने का गौरव मिला है।
\n
यूनेस्को एएसपीनेट का वैश्विक प्रभाव
\n
यूनेस्को एएसपीनेट से करीब 167 देशों के लगभग 10 हजार शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। यह नेटवर्क विद्यार्थियों में वैश्विक नागरिकता, शांति, सतत विकास, संवाद और सहयोग जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है।
\n
KPS कदमा की अंतरराष्ट्रीय पहल
\n
KPS कदमा ने वर्ष 2023 से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और 21वीं सदी के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया। स्कूल ने अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और तुर्किये समेत करीब 10-11 देशों के विद्यार्थियों व स्कूलों के साथ विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की है।
\n
नेतृत्व की दृष्टि
\n
स्कूल के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत नायर और प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी ने इसे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक अनुभव और सीख के नए अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
\n
महत्वपूर्ण तथ्य: यूनेस्को एएसपीनेट का उद्देश्य शांति, सतत विकास और वैश्विक नागरिकता को बढ़ावा देना है। यह नेटवर्क 167 देशों में 10 हजार से अधिक संस्थानों को जोड़ता है।
\n
स्कूल की इस उपलब्धि से झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। भविष्य में KPS कदमा अंतरराष्ट्रीय छात्र विनिमय, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है।
\n
- \n
- वैश्विक नागरिकता को बढ़ावा
- शांति और संवाद को प्रोत्साहन
- सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप पाठ्यक्रम
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर
\n
\n
\n
\n
\n
यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क की स्थापना 1953 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से शांति और अंतरराष्ट्रीय समझ को मजबूत करना है। आज यह नेटवर्क दुनिया भर के लाखों छात्रों को एक मंच पर लाता है।
\n
KPS कदमा के छात्र अब यूनेस्को के वैश्विक परियोजनाओं जैसे ग्लोबल सिटिजनशिप एजुकेशन, क्लाइमेट एक्शन और इंटरकल्चरल डायलॉग में भाग ले सकेंगे। इससे उनके दृष्टिकोण में व्यापकता आएगी।
\n
स्कूल के प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी ने कहा, “यह सदस्यता हमारे विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करेगी और उन्हें भविष्य के वैश्विक नेताओं के रूप में तैयार करेगी।” इस तरह के उद्घोषण से स्कूल समुदाय में उत्साह का माहौल है।
\n
झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग ने भी इस उपलब्धि की सराहना की है और इसे राज्य के अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया है। आने वाले समय में अधिक स्कूलों को यूनेस्को नेटवर्क से जोड़ने की पहल की जाएगी।
\n
अभिभावकों और पूर्व छात्रों ने भी इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।
\n
अधिक जानकारी के लिए UNESCO की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

