लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूनेस्को के वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क से जुड़ना किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व और सम्मान का विषय होता है। झारखंड के औद्योगिक नगरी जमशेदपुर स्थित केरल पब्लिक स्कूल (KPS) कदमा ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करके पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। यह न केवल स्कूल बल्कि झारखंड की पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए एक नए युग का सूत्रपात है।
यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क में शामिल हुआ KPS कदमा
जमशेदपुर। कदमा स्थित केरल पब्लिक स्कूल (KPS) को यूनेस्को एसोसिएटेड स्कूल्स नेटवर्क (UNESCO ASPnet) में शामिल किया गया है। इसके साथ ही KPS कदमा झारखंड का पहला स्कूल बन गया है, जिसे इस वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क का सदस्य बनने का गौरव मिला है।
यूनेस्को नेटवर्क की वैश्विक पहुंच और उद्देश्य
यूनेस्को एएसपीनेट से करीब 167 देशों के लगभग 10 हजार शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। यह नेटवर्क विद्यार्थियों में वैश्विक नागरिकता, शांति, सतत विकास, संवाद और सहयोग जैसे मूल्यों को बढ़ावा देता है। यूनेस्को का यह नेटवर्क 1953 में स्थापित किया गया था और तब से यह शिक्षा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समझ और शांति की दिशा में काम कर रहा है। इसके सदस्य स्कूलों को यूनेस्को के शैक्षणिक संसाधनों, वैश्विक परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय विनिमय कार्यक्रमों तक विशेष पहुंच प्राप्त होती है।
यूनेस्को ASPnet के प्रमुख स्तंभ
- वैश्विक नागरिकता: छात्रों को विश्व नागरिक के रूप में सोचने और कार्य करने के लिए प्रेरित करना।
- शांति और अहिंसा: शिक्षा के माध्यम से शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा देना।
- सतत विकास: संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को पाठ्यक्रम में शामिल करना।
- अंतरसांस्कृतिक संवाद: विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ और सम्मान विकसित करना।
KPS कदमा की अंतरराष्ट्रीय सहयोग की यात्रा
KPS कदमा ने वर्ष 2023 से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और 21वीं सदी के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया। स्कूल ने अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और तुर्किये समेत करीब 10-11 देशों के विद्यार्थियों व स्कूलों के साथ विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी की है। इन गतिविधियों में वर्चुअल क्लासरूम एक्सचेंज, संयुक्त परियोजनाएं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशालाएं शामिल हैं। इस पहल ने छात्रों को विविध संस्कृतियों और दृष्टिकोणों से अवगत कराया है, जिससे उनका वैश्विक दृष्टिकोण विकसित हुआ है।
मुख्य अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की झलक
- अमेरिकी स्कूलों के साथ STEM परियोजनाओं पर संयुक्त कार्य।
- ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग से अंग्रेजी भाषा संवर्धन कार्यक्रम।
- जापानी स्कूलों के साथ तकनीकी नवाचार पर वेबिनार श्रृंखला।
- तुर्किये के स्कूलों के साथ सांस्कृतिक विरासत पर डिजिटल प्रदर्शनी।
नेतृत्व का दृष्टिकोण और भविष्य की योजनाएं
स्कूल के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत नायर और प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी ने इसे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक अनुभव और सीख के नए अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। डॉ. नायर ने कहा, “यूनेस्को नेटवर्क की सदस्यता हमारे छात्रों को विश्व स्तरीय शैक्षणिक मानकों और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। हम इस अवसर का उपयोग अपने पाठ्यक्रम को वैश्विक परिप्रेक्ष्य से समृद्ध करने के लिए करेंगे।” प्रिंसिपल मुखर्जी ने जोड़ा, “हमारे शिक्षकों को अब यूनेस्को के वैश्विक शिक्षक नेटवर्क से जुड़कर सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखने और लागू करने का अवसर मिलेगा।”
आगामी पहल
स्कूल प्रबंधन ने घोषणा की है कि यूनेस्को ASPnet सदस्यता का लाभ उठाते हुए, वे 2024-25 शैक्षणिक सत्र से निम्नलिखित नई पहल शुरू करेंगे:
- यूनेस्को के वैश्विक नागरिकता शिक्षा (GCED) पाठ्यक्रम को कक्षा 6 से 12 तक एकीकृत करना।
- अंतरराष्ट्रीय छात्र विनिमय कार्यक्रम के लिए वार्षिक बजट आवंटित करना।
- शिक्षकों के लिए यूनेस्को प्रमाणित व्यावसायिक विकास पाठ्यक्रम अनिवार्य करना।
- स्थानीय समुदाय के साथ सतत विकास लक्ष्यों पर जागरूकता अभियान चलाना।
झारखंड की शिक्षा के लिए मील का पत्थर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि KPS कदमा की यह उपलब्धि झारखंड के अन्य स्कूलों को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों की ओर प्रेरित करेगी। यूनेस्को नेटवर्क से जुड़ने के बाद, स्कूल को न केवल वैश्विक संसाधनों तक पहुंच मिलेगी, बल्कि राज्य की शिक्षा नीति में भी वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल करने का दबाव बनेगा। यह कदम झारखंड को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
यूनेस्को और इसके कार्यक्रमों के बारे में अधिक जानकारी के लिए UNESCO की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

