विश्व आदिवासी दिवस पर गोपाल मैदान में जुटे हजारों लोग, संस्कृति और अधिकारों की उठी आवाज
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आदिवासी छात्र एकता, केंद्रीय कमेटी के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। “अपनी पहचान को पहचानो” के संदेश के साथ आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान समाज की प्रमुख महिलाओं को सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने आदिवासी समाज की एकता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सरना धर्म कोड की मांग, आदिवासी क्षेत्रों को अनुसूचित क्षेत्र में शामिल करने, सीएनटी-एसपीटी कानून के संरक्षण, भूमि बैंक नीति को रद्द करने, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार में प्राथमिकता तथा मुंडारी, भूमिज और कुड़ुख भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

आयोजकों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, अधिकार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प लेने का दिन है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

